राजधानी जयपुर में बुधवार को हुए कांग्रेस के धरने प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने के लिए सिविल लाइंस पहुंचे तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि वाटर कैनन से सीवर का पानी फेंका गया।
राजस्थान में एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बुधवार को जब कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन से सीवर का पानी छोड़ा। कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यह आरोप लगाया है। खाचरियावास ने बयान जारी कर कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार ने आज तो पाप के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह बताएं कि शहीद स्मारक पर इकट्ठा हुए सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं पर सीवरेज का गंदा पानी क्यों फेंका गया। सीवरेज का गंदा पानी फेंकने के लिए किसने निर्देश दिए और यदि यह निर्देश सीवरेज का पानी फेंकने के मुख्यमंत्री ने दिए हैं, तो पूरे राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहां भी जाएंगे वहां पर सब जगह उनका घेराव किया जाएगा। खाचरियावास ने कहा कि सरकार हमारी भी थी, लेकिन हमने कभी भी भाजपाइयों पर सीवरेज का गंदा पानी नहीं फेंका।
खाचरियावास बोले कि पहले साल में ही सरकार की नीयत सामने आ गई है। सरकार जवाब दे सीवरेज का गंदा पानी क्यों फेंका और यदि उन्होंने फेंका है तो उसको स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी फिर भाजपा की भाषा में ही बात करेगी, गंदे पानी के कारण कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता गीले हो गए। कपड़ों में बदबू आ रही थी। लोगों की तबीयत खराब हो गई। इस गंदी हरकत के लिए मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार को माफी मांगनी चाहिए अन्यथा इसके परिणाम उनको भुगतने पड़ेंगे।
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खाचरियावास ने कहा कि हमारी सरकार थी तब हमने बीजेपी को बैरिकेडिंग लगाकर शहीद स्मारक पर नहीं रोका। स्टैचू सर्किल तक बीजेपी नेता और उनके कार्यकर्ताओं को जाने का मौका दिया, लेकिन आज भाजपा सरकार का जो व्यवहार रहा है वह बर्दाश्त के बाहर है। यह सीधे-सीधे टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।