राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से पहले पुलिस ने अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया। 23 अगस्त को चार घंटे तक 929 स्थानों पर नाकाबंदी कर करीब 50 हजार 662 वाहनों की जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 9,421 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों के लाइसेंस, वाहन दस्तावेज और नंबर प्लेट की जांच की। संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन के साथ पुलिस ने चोरी के वाहन, अवैध हथियार, मादक पदार्थ और अवैध शराब से जुड़े मामलों पर भी नजर रखी।
50,662 वाहनों की जांच
अतिरिक्त महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था वीके सिंह ने बताया कि नाकाबंदी के दौरान 27,397 दोपहिया और 23,265 चौपहिया वाहनों की जांच की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 2,685, बिना सीट बेल्ट 987 और शराब पीकर वाहन चलाने वाले 345 चालकों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
इसके अलावा अस्पष्ट, गलत या बिना नंबर प्लेट वाले 779 वाहनों, काली फिल्म लगे 741 वाहनों और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले 171 चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
286 गिरफ्तार, 37 वाहन जब्त
पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। आबकारी, हथियार, मादक पदार्थ, स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत 75 प्राथमिकी दर्ज कर 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, भारतीय न्याय संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 205 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान 37 वाहन जब्त किए गए। अलग-अलग स्थानों से अवैध शराब, मादक पदार्थ और हथियार भी बरामद किए गए।
शांतिपूर्ण चुनाव कराने पर जोर
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराना तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की शून्य सहनशीलता की नीति आगे भी जारी रहेगी।
एक नजर में कार्रवाई
- 929 स्थानों पर नाकाबंदी
- 50,662 वाहनों की जांच
- 9,421 मोटर वाहन अधिनियम की कार्रवाई
- 286 लोग गिरफ्तार
- 37 वाहन जब्त
- 75 प्राथमिकी दर्ज
- 81 गिरफ्तार विभिन्न अधिनियमों में
- 205 गिरफ्तार निरोधात्मक कार्रवाई में