भजनलाल सरकार में पूरे 21 दिन तक तबादलों से बैन हटा रहा और 10 जुलाई को रात 12 बजे से यह बैन फिर से लागू हो गया। लेकिन ज्यादातर विभागों ने अपनी तबादला सूचियां 11 जुलाई को बैक डेट में जारी की। इतने दिनों तक सूचियां तैयार करने के बाद भी तबादलों में भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कई मामले तो ऐसे हैं जो अब सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं।
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रांसफर सूची की जमकर चर्चा हुई। गलती के कारण संबंधित पटवारी भी समय पर नए पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके। बाद में विभाग को सूची में संशोधन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
सिर्फ एक मामला नहीं, कई तरह की गड़बड़ियां
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार तबादला सूची जारी होने के बाद कई जिलों से संशोधन के लिए आवेदन पहुंचे हैं। शुरुआती जांच में कई तरह की त्रुटियां सामने आई हैं। कहीं कर्मचारियों के नाम या पदस्थापन में टाइपिंग की गलतियां मिली हैं तो कहीं पुराने और नए पदस्थापन स्थानों का गलत उल्लेख किया गया है। इन त्रुटियों के कारण कई कर्मचारियों को कार्यमुक्त (रिलीव) होने और नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के संशोधित आदेश जारी होने तक कई तबादला-प्रभावित कर्मचारी जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं।
सूचना सहायक की सूची में लिखा ..एमएलए का जीरो खत्म करने के लिए
इससे पहले सूचना सहायकों की तबादला सूची में भी ऐसा ही एक अजीब वाकया सामने आया। इसमें तबादला सूची में 367 नंबर पर रिजा गुराया के तबादले के आगे विशेष विवरण में गलती से लिखा गया...MLA KA 0 KHATAM KARNE K LIYE...। यह लिस्ट कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में जमकर वायरल हुई। जिसमें कर्मचारी इसे रिपोस्ट करते हुए पूछ रहे थे कि किस एमएलए का मामला जीरो पर पहुंच गया।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तबादला सूची तैयार करने के दौरान कुछ मानवीय त्रुटियां रह गई थीं। जिलों से प्राप्त आपत्तियों और संशोधन प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। जिन कर्मचारियों के आदेशों में तकनीकी या टाइपिंग संबंधी गलती है, उनके संशोधित आदेश जारी किए जाएंगे ताकि उन्हें कार्यभार ग्रहण करने में कोई परेशानी न हो। राजस्व विभाग के बड़े पैमाने पर हुए इन तबादलों के बाद अब सभी की नजर संशोधित सूची पर है, क्योंकि कई कर्मचारी अभी भी अपने पदस्थापन को लेकर स्पष्ट आदेश का इंतजार कर रहे हैं।