राजस्थान विधानसभा में सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के सदन में हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की यह अंदरूनी लड़ाई है। उन्होंने कहा, वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को नहीं बोलने देने का कांग्रेस ने षड्यंत्र किया है। यदि कोई दूसरे वर्ग का नेता प्रतिपक्ष होता तो कांग्रेस उसे जरूर बोलने देती।
डोटासरा के आरोपों पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा केंद्र के बजट को लेकर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, डोटासरा आरोप लगा रहे थे कि केंद्र के बजट में राजस्थान का जिक्र नहीं हुआ, जबकि हर सेक्टर में राजस्थान को अच्छा खासा बजट मिला है। जरा आंखें खोलकर देखो।
जल जीवन मिशन में घोटाले का आरोप
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, आपके शासन में राजस्थान जल जीवन मिशन की अंतिम पायदान पर था। इसमें बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ, जो सबके सामने है। हमारी सरकार ने इसे सुधारने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एक किसान के बेटे हैं। वे संजीदगी से काम करते हैं, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें दबाव में रखकर बोलने से रोक दिया। यह कांग्रेस का अन्याय है।
कांग्रेस में आपसी गुटबाजी पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने डोटासरा और टीकाराम जूली के बीच आपसी खींचतान पर कटाक्ष करते हुए कहा, जूली साहब, आप डोटासरा के चक्कर में क्यों आ गए? डोटासरा किसी को बोलने नहीं देंगे। यह कांग्रेस का पुराना चरित्र है। मैं खुद ब्रजभूमि से आता हूं, तुम्हारे इन जयकारों का मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
'चश्मा दिलवाया जा सकता है पर दृष्टि नहीं दी जा सकती'
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि उपचुनाव में डोटासरा बड़ा गमछा घुला रहे थे, लेकिन राजस्थान की जनता ने उन्हें आइना दिखा दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव एक जिले का नहीं बल्कि छह संभागों का था, जिसमें कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने डोटासरा को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता किसानों के घोर विरोधी हैं और उनकी समस्याओं को सुनना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार ने पांच साल में 4,138 घोषणाएं की, लेकिन उनमें से 1,921 घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकीं।