राजस्थान के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल पांच जिलों में आगामी दिवाली पर केवल सीएसआईआर-नीरी द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखे चलाने की ही अनुमति रहेगी। राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों के लिए यह कड़ा निर्देश जारी किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के नियंत्रण तथा बढ़ते प्रदूषण स्तर को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इन पांच जिलों में निर्धारित समय-सीमा के अतिरिक्त पटाखों के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
ग्रीन पटाखों की समय-सीमा तय
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन पटाखे चलाने के लिए दो दिन की विशेष अवधि निर्धारित की गई है। नागरिक 7 और 8 नवंबर को केवल सुबह 6 से 7 बजे तक तथा रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चला सकेंगे। इन दो दिनों में स्वीकृत समयावधि के अलावा पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े संस्थानों की सुरक्षा के उद्देश्य से शांत क्षेत्र घोषित किए गए हैं। अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों को नो-क्रैकर जोन बनाया गया है। इन सभी परिसरों के 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी, ताकि मरीजों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को प्रदूषण व शोर से बचाया जा सके।
निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत एनसीआर क्षेत्र में 5 से 20 नवंबर तक धूल उत्पन्न करने वाली विध्वंस और खुले में की जाने वाली निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। यह पाबंदी राजस्थान के एनसीआर में आने वाले अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में भी समान रूप से लागू रहेगी। इस अवधि के दौरान निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों की सख्त पालना कराई जाएगी।
हालांकि आम जनजीवन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से राहत प्रदान की गई है। रेलवे, मेट्रो सेवाओं, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, अस्पतालों, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में कार्य पूर्ववत जारी रहेगा। इसके अलावा हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली ट्रांसमिशन, पाइपलाइन और दूरसंचार जैसी सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित रैखिक परियोजनाओं को भी इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
धूल नियंत्रण और यातायात प्रबंधन
एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों को विशेष डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों का अधिकतम इस्तेमाल दो शिफ्टों में करने को कहा गया है, जिससे प्रमुख मार्गों की सफाई नियमित रूप से हो सके।
वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर भी पैनी नजर
प्रदूषण नियंत्रण के तहत एनसीआर क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली स्थापित करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र न रखने वाले पांच हजार से अधिक वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।