राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति अल्पना कटेजा छात्रसंघ चुनाव के प्रति रुचि व्यक्त करते हुए चुनावों की सिफारिश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कहा कि अगर सरकार उनका मत मांगेगी, तो वह चुनाव कराने के लिए इच्छुक हैं। कुलपति कटेजा ने छात्रसंघ चुनाव को राजनीति की पहली सीढ़ी बताते हुए कहा कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए चुनाव कराना सभी के हित में है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों की मर्यादा का प्रतीक होना चाहिए और इससे यह महसूस होना चाहिए कि पढ़े-लिखे छात्र चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में पोस्टरबाजी और प्रचार का तरीका गलत है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के बाद से राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। उस समय के कुलपति राजेश जैन ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर चुनाव रोकने की सिफारिश की थी, जिसके बाद सरकार ने चुनाव पर पाबंदी लगा दी थी। 2022 के चुनाव में अंतिम बार निर्मल चौधरी को राजस्थान यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष चुना गया था, इसके बाद से अब तक विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।
कुलपति अल्पना कटेजा ने बताया कि अगर सरकार द्वारा उनसे छात्रसंघ चुनावों के बारे में पूछा जाता है तो वो सरकार से आग्रह करेंगी कि छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को पुनः शुरू कर लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत चुनाव कराए जाऐ, जिससे छात्रों के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव छात्रों के शैक्षणिक और राजनीतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और इन्हें सही तरीके से आयोजित करना आवश्यक है।