पूर्व भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा
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पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की सजा माफी को लेकर राज्य सरकार की ओर से राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को भेजी गई दया याचिका के मामले में नया पेंच आ गया है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने इस मामले में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। गौरतलब है कि एक सरकारी अफसर पर बंदूक तानने के प्रकरण में कंवरलाल मीणा को हाईकोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा से उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी।
पिछले दिनों झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से सरकार को दया याचिका भेजी गई थी। हालांकि विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मुद्दे पर भाजपा और राज्य सरकार पर आरोप लगाए हैं।
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गहलोत ने सदस्यता रद्द करने में हुई देरी को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि जब मीणा को दोषी ठहराया गया था तो तत्काल उनकी सदस्यता समाप्त क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और आरपी एक्ट के प्रावधान स्पष्ट हैं सजा मिलते ही सदस्यता स्वतः समाप्त होनी चाहिए लेकिन यह निर्णय 23 दिन बाद लिया गया। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार भाजपा और आरएसएस के दबाव में कार्य कर रही है, न कि अपने संवैधानिक दायित्वों के अनुसार।