भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मतगणना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य के सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों और बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव के लिए 4 जून को होने वाली मतगणना के संबंध में मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और मतगणना कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों की समुचित आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि मतदान की तरह ही मतगणना के दौरान भी भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों की पालना करने की बात कही। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार राजस्थान में मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और पर्याप्त संख्या में मतगणना कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा चुका है।
गुप्ता ने बताया कि मतों की गिनती की प्रक्रिया और मतगणना केंद्र की व्यवस्था के बारे में शनिवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की गई है, जिसमें राजनीतिक दलों से अपने-अपने काउंटिंग एजेंट्स की सूचियां 31 मई तक संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में आवश्यक रूप से देने के लिए कहा गया है।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
गुप्ता ने बताया कि मतगणना स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को मतगणना केंद्र में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना स्थलों पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा घेरे का पहला स्तर मतगणना परिसर और परिसर के चारों ओर 100 मीटर की परिधि से शुरू होगा, द्वितीय स्तर और मध्य घेरा मतगणना परिसर के गेट पर होगा, इसका संचालन सशस्त्र पुलिस द्वारा किया जाएगा, तीसरा स्तर और सबसे भीतरी घेरा मतगणना हॉल के दरवाजे पर होगा, इसका संचालन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल द्वारा किया जाएगा।
आयोग के निर्देशानुसार, रिटर्निंग अधिकारी किसी भी राजनीतिक व्यक्ति, मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी से निर्देश प्राप्त नहीं करेंगे और न ही किसी तरह का पक्षपात करेंगे। मतगणना स्थल में प्रवेश के लिए वैध प्राधिकार-पत्र होने के बावजूद यदि आरओ को मतगणना हॉल में किसी व्यक्ति की उपस्थिति के बारे में संदेह है, तो वह उसकी तलाशी ले सकेगा। किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति के कमरे में प्रवेश करने या छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि ईवीएम की मतगणना टेबल पर काउंटिंग सुपरवाईजर, काउंटिंग असिस्टेंट, काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेंगे। इसी प्रकार, पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी, एक काउंटिंग सुपरवाईजर, दो काउंटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर मौजूद रहेंगे। मतगणना टेबल पर अभ्यर्थी के काउंटिंग एजेंट भी रहेंगे। मतगणना टेबल्स के लिए करीब 3,550 माइक्रो ऑब्जर्वर और 1,200 से अधिक सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) नियुक्त किए गए हैं। सभी रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को 17 मई को राज्य स्तरीय पर और 24 मई को जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कुल 56 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
360 डिग्री वीडियोग्राफी होगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को मतगणना केंद्र में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना से पहले सभी सीयू, वीवीपैट मशीनों और संबंधित दस्तावेजों को स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर काउंटिंग हॉल तक लाने और मतगणना पश्चात वापस स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने की कार्रवाई की निर्बाध सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही काउंटिंग हॉल में संपूर्ण मतगणना प्रक्रिया की 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरा या वीडियोग्राफी से मय दिनांक और समय की मोहर के साथ कवरेज की जाएगी।
सभी मतगणना केंद्रों पर गर्मी से बचाव के इंतजाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी राज्य के सभी 29 मतगणना केंद्रों पर कूलिंग की समुचित व्यवस्था और पूरे मतगणना स्थल पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मतगणना कार्मिकों और काउंटिंग एजेंट्स की सुविधा के लिए प्रत्येक मतगणना कक्ष में शीतल पेयजल, मेडिकल किट तथा कूलर की व्यवस्था की जाएगी। सभी मतगणना केन्द्रों पर मीडिया सेंटर में मीडियाकर्मियों के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।