Rajasthan News: राजस्थान में मंगलवार रात से हो रही भीषण बारिश के बाद कई जिलों बाढ़ के हालात हैं। करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर में चंबल खतरे के निशान को पार कर चुकी है। सवाई माधोपुर में साढ़े 8 इंच बारिश हुई है।
राजस्थान में करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर में बाढ़ की स्थिति बन चुकी है। इन तीनों जिलों में चंबल नदी खतरे का निशान पार कर गई है। कोटा, टोंक, सवाई माधोपुर के कई इलाके डूब गए हैं। राजस्थान से मध्य प्रदेश का संपर्क कट गया है। प्रदेश में आपास स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों के साथ बैठक की है। कलेक्टरो को राहत कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिये और पीने के पानी की आपूर्ति,फूडपैकेट,लाईफ़ जैकेटस,प्रभावितों के सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने जैसे राहत कार्यों को प्रभावी रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं ।
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धौलपुर में चंबल नदी का खतरे का स्तर 129 मीटर है जबकि यह वर्तमान में 138.80 मीटर के स्तर को पार कर चुकी है। करौली में चंबल का डेंजर लेवल 165 मीटर है जबकि नदी का जल स्तर 166.80 मीटर पर पहुंच चुका है। इसी तरह सवाई माधोपुर में चंबल का सामान्य स्तर 192 मीटर है जो कि वर्तमान में 197.12 मीटर के स्तर पर बह रही है।
कोटा के इटावा में पार्वती नदी में तेज उफान के चलते राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। इटावा-खातोली मार्ग पर स्थित नवनिर्मित पुल के उपर एक फीट तक पानी बह रह है जिससे स्टेट हाईवे 70 (कोटा-ग्वालियर-श्योपुर मार्ग) पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।
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राजधानी के बिगड़े हालात
वहीं राजधानी जयपुर में भी सुबह से हो रही लगातार बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। सड़कों पर जगह-जगह जल भराव हो रहा है। यहां तक की मुख्य सचिव और डीजीपी के सरकारी आवास के बाहर भी जबरदस्त जलभराव के चलते ट्रैफिक जाम हो गया है। वहीं जयपुर में शासन सचिवालय में तेज बारिश के बीच SSO भवन का छज्जा गिर गया। जिस वक्त छज्ज गिरा, उस वक्त मौके पर कोई कर्मचारी नहीं था। सचिवालय में लगातार छज्जे और फॉल सीलिंग गिरने के कई मामले सामने आ चुके हैं।