आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल
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राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का नागौर स्थित आवास अंधेरे में डूब गया है। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 11 लाख रुपये से अधिक के बकाया बिल के चलते उनके घर बिजली का कनेक्शन काट दिया है। इसी परिसर में आरएलपी का पार्टी कार्यालय भी संचालित होता है, जो फिलहाल बंद पड़ा है।
डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार यह बिजली कनेक्शन प्रेमसुख बेनीवाल (हनुमान बेनीवाल के भाई) के नाम पर था। इस पर 10 लाख 75 हजार रुपये से अधिक की बकाया राशि दर्ज थी। विभाग की ओर से 6 बार नोटिस जारी किए गए, मीटर बदलवाने और सैटलमेंट के भी निर्देश दिए गए लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आखिरकार विभाग ने कार्रवाई करते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी।
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पुराने नोटिसों में भी नेताओं का नाम
8 नवंबर 2024 को भी एवीवीएनएल ने दो चेतावनी नोटिस जारी किए थे। पहला नोटिस प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर था, जिसमें खाता संख्या 1521-0249 पर 9.82 लाख रुपये बकाया दर्शाया गया था। दिलचस्प बात यह रही कि इसी नोटिस में बाद में पेन से हनुमान बेनीवाल का नाम भी जोड़ा गया।
दूसरा नोटिस शंकरलाल पुत्र रामदेव चौधरी के नाम था, जिसमें खाता संख्या 1813-0345 पर 1.36 लाख रुपये बकाया थे। इस पर भी पेन से पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल का नाम लिखा गया। इससे साफ है कि विभाग जानता था कि संपत्ति का जुड़ाव राजनीतिक परिवार से है। बहरहाल आरएलपी सुप्रीमो का आवास अंधेरे में है।