सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए क्रिकेट किट में किए घोटाले को लेकर बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रह चुके बलजीत यादव पर शुक्रवार को शुरू हुई प्रवर्तन निदेशाल की कार्रवाई शनिवार को खत्म हो गई।यादव पर सरकारी स्कूलों में क्रिकेट किट खरीद के नाम पर करीब तीन करोड़ रुपये का घोटाले का आरोप है। इस संबंध में राजस्थान में भी उन पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
जानकारी के मुताबिक यादव ने एक फर्म से सांठगांठ कर 20 से 30 गुना ऊंची दरों पर क्रिकेट के सामान खरीदे। इन क्रिकेट किट को बहरोड़ के सरकारी स्कूलों में सप्लाई किया गया। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशाल ने बलजीत यादव के ठिकानों पर छापे मारे। इसमें 30 लाख रुपये की नकदी जब्त हुई है। शनिवार को कार्रवाई समाप्त होने के बाद सुबह तक ED की टीमें लौट गईं। ईडी ने बलजीत यादव और इनके सहयोगियों पर यह कार्रवाई की थी।
गौरतलब है कि बलजीत यादव 2018-2023 में बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रहे। ईडी की कार्रवाई जयपुर में आठ और दौसा-अलवर में एक-एक ठिकानों पर की गई। छापेमारी के दौरान खेल सामग्री की आपूर्ति से जुड़े लोगों, बलजीत यादव, उसके भाई राव विरेन्द्र सिंह के भी बयान हुए।
ये है मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने अशोक गहलोत सरकार को समर्थन देने वाले, काले कपड़े पहनकर भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानसभा में दौड़ने वाले बहरोड़ के पूर्व निर्दलीय MLA बलजीत यादव के दस ठिकानों पर रेड की है। चुनाव से पहले ही बलजीत यादव पर बल्ला चोर का राजनीतिक आरोप लगा था। PMLA एक्ट के तहत हो रहे एक्शन के अनुसार पूर्व विधायक से जुड़े इस मामले में उनसे जुड़े लोगों और कंपनियों ने क्षेत्र की सरकारी स्कूल के अंदर क्रिकेट सामान वितरित किया था, जिसमें तीन करोड़ 72 लाख रुपये का घोटाला बताया गया था। जो इससे पहले इस मामले में एसीबी में मुकदमा दर्ज किया है। बालाजी कंपलीट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के तहत यह सारी गड़बड़ी हुई। गौरतलब है कि जल जीवन मिशन घोटाले में भी विधायक के कामकाज संदिग्ध हैं। फिलहाल, ईडी की टीम एक्शन कर रही। मामले में आज गिरफ्तारी भी हो सकती है।