राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बड़ी संख्या में पेंशनर्स का डाटा डिलीट कर दिया गया। कई पेंशनर्स को मरा बताकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई। पिछले दिनों मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आया। इसके बाद अब सरकार ने मामले में दोषी पांच कर्मचारियों को निलंबित किया है। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी और बीडीओ सहित 48 को 17 सीसी का नोटिस देने की कार्रवाई की है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में जीवित पेंशनर्स को मरा बताकर उनकी पेंशन बंद करने वाले पांच अफसरों को सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 13 लाख पेंशनर्स का डाटा सामाजिक सुरक्षा पेंशन से डिलीट कर दिया गया। हजारों पेंशनर्स सरकारी विभागों के चक्कर लगाते रहे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें यह मामला सामने आया।
सीएम के निर्देश के बाद मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई। अब समाज कल्याण विभाग के निदेशक बचनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में यह जानकारी दी है कि मामले में पांच कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है तथा 48 को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई कर ली गई है।
इस मामले में जिला कलेक्टर द्वारा राजसमंद के 29 और ब्यावर के 9 ग्राम विकास अधिकारियों, पांच उपखण्ड अधिकारियों और पांच अन्य कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा रामसंद और ब्यावर में पांच कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि भविष्य में गलत पेंशन निरस्त करने के प्रकरणों की रोकथाम के लिए विभागीय निर्देशों की पालना करें। इसके साथ ही पंचायती राज के सचिव को ऐसे प्रकरणों के निस्तारण के लिए लिखा गया है।