फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajathan News: ऊंट निर्यात पर 11 साल बाद हटाया प्रतिबंध, वसुंधरा सरकार ने कानून बना लगाई थी रोक

Wed, 01 Oct 2025 12:21 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

11 साल बाद राजस्थान सरकार ने ऊंटों के अंतरराज्यीय परिवहन की अनुमति दे दी है।
अब ऊंटों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पूर्व अनुमति और वापसी की जानकारी अनिवार्य होगी।
विज्ञापन
ऊंट पर सवार बच्चे।    संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान का राज्य पशु और रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाले ऊंट के निर्यात पर भजनलाल सरकार ने प्रतिबंध हटा लिया है। लगभग 11 साल पहले तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने ऊंट को राज्य पशु घोषित करते हुए इसके वध को निशेध करने व अन्य राज्यों में इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए  विधानसभा में "राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रजनन या प्रवासन का विनियमन) अधिनियम, 2015" पारित करवा करवाया था। अब मौजूदा सरकार ने ऊंटों की घटती आबादी को आधार बनाकर  अन्य राज्यों में अस्थायी प्रजनन या प्रवासन की अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला ऊंटों की गिरती संख्या और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सशर्त निर्यात और प्रवासन की अनुमति से जहां ऊंटपालकों को राहत मिलेगी, वहीं उनके संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन



                                                                                   




अब ऊंटों को सशर्त दूसरे राज्यों में ले जाना होगा संभव

पशुपालन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ऊंटों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए अब कुछ जरूरी प्रक्रियाओं और शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिसूचना के अनुसार:

विज्ञापन

 

  • पूर्व अनुमति आवश्यक:
    राज्य से ऊंटों को बाहर ले जाने के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

  • स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी:
    पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा ऊंट का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के ऊंट का परिवहन अवैध माना जाएगा।

  • अस्थायी प्रजनन व कृषि उपयोग हेतु अनुमति:
    यदि ऊंट को अस्थायी प्रजनन या कृषि उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा और वापसी की तिथि भी निर्धारित करनी होगी।

  • निर्धारित समय में वापसी अनिवार्य:
    यदि ऊंट अस्थायी रूप से राज्य से बाहर ले जाया गया है, तो उसे निर्धारित समयावधि में वापस लाना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर अनुमति स्वतः निरस्त हो जाएगी।

  • कृषि और शैक्षणिक प्रयोग के लिए विशेष अनुमति:
    अधिनियम की धारा 15 के उपबंध (7) के तहत कृषि और शैक्षणिक प्रयोगों हेतु ऊंटों को ले जाने के लिए विशेष अनुमति दी जा सकेगी।

  • सही दस्तावेज और विवरण आवश्यक:
    ऊंट का प्रयोग कहां, किस उद्देश्य से और कितने समय के लिए किया जा रहा है, इसका पूरा विवरण अनुमति पत्र में देना होगा।

    नियम उल्लंघन पर सजा, 25 हजार तक जुर्माना
    राज्य सरकार ने कहा – नियमों के उल्लंघन पर राजस्थान ऊंट (वध निषेध और अस्वीकृत प्रवास या नियमन) अधिनियम–2015 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें ऊंट को मारने पर 7 साल तक की सजा है। अवैध परिवहन, तस्करी पर 6 माह से 3 साल तक की सजा और 3 हजार से 25 हजार तक जुर्माना देना होगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें