लॉरेंस के इशारे पर पनाह
पुलिस की माने तो सीकर जिले में राजू ठेहट हत्याकांड में सुधा कंवर का नाम आया। इसके बाद इसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जेल जाने के बाद जमानत मिली और फिर इसको टूरिस्ट वीजा के जरिए इटली चली गई, जहां पहले से अमरजीत मौजूद था। फिर ये दोनों मिलकर इटली में भी धमकाने का काम करने लगी। राजस्थान पुलिस ने सुधा कंवर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिससे उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ की गई एक बड़ी कार्रवाई है।
लॉरेंस की खास माया मैडम
लॉरेंस गैंग की महिला सदस्य माया मैडम को पिछले दिनों जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिलहाल, वह पुलिस रिमांड पर है। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के मुताबिक, माया पिछले कई महीने से इस गैंग से जुड़ी है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य रोहित गोदारा, संपत नेहरा, शुभम उर्फ बिगनी, राजेंद्र उर्फ जोकर और गोल्डी बराड़ जैसे बदमाशों के सीधे संपर्क में थी। रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ विदेश में छिपे हुए हैं, जबकि संपत नेहरा सहित अन्य बदमाश अलग-अलग जेलों में बंद है। मैडम माया इन बदमाशों के अलावा अन्य गुर्गों के भी संपर्क में रहती थी।
रकम देकर टारगेट समझाना था माया का काम
डीसीपी नॉर्थ राशि डूडी डोगरा का कहना है, मैडम माया से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। गैंग के जो सदस्य जेल में बंद हैं, उनसे मिलने का काम मैडम माया के पास था। वह अलग-अलग जेलों में जाकर गैंग के सदस्यों से मिलती थी। जेल में कपड़े पहुंचाने, कैंटीन में रुपये भेजने और अन्य सुविधाएं देने के साथ जमानत के दस्तावेज तैयार करने के लिए वकीलों से बात करने का काम भी माया मैडम के पास था।
हथियार कहां से लाना है, किसे सप्लाई करना है और रकम कहां पहुंचानी है। यह काम भी मैडम माया ही करती थी। गुर्गों से यह बड़े कारोबारियों, सट्टेबाजों, फिल्म स्टार जैसे लोगों के मोबाइल नंबर प्राप्त करती और फिर ये नंबर रोहित गोदारा और विक्रम बराड़ को देती थी। ताकि अगला टारगेट तय हो सके। दिए गए टारगेट को गुर्गों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मैडम माया के पास ही थी।
फिरौती के पैसे का हिसाब माया के पास
एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत बताते हैं, सब इंस्पेक्टर हरिओम की टीम ने माया को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि गैंगस्टर्स द्वारा जिन कारोबारियों से फिरौती की रकम प्राप्त होती थी। उसका हिसाब मैडम माया ही रखती थी। जो कारोबारी फिरौती नहीं देते, उन पर फायरिंग करवाने और आगे का टास्क भी माया ही देती थी।
पहले माया के पास बठिंडा जेल में बंद लॉरेंस का कॉल आ जाता था, लेकिन जब कॉल आने बंद हुए तो वह जेल पहुंच जाती और आगामी टास्क तय करके आती थी। फिलहाल मैडम माया रिमांड पर है। पूछताछ में और भी कई खुलासे होने की संभावना है।