मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मंत्रिमंडल से इस्तीफे की जिद छोड़ दी है। करीब नौ महीने की सियासी जद्दोजहद के बाद किरोड़ी के तेवर नरम पड़ते नजर आ रहे हैं। अब उन्होंने फिर से अपने महकमे का कामकाज संभालने की तैयारी कर ली है। शीर्ष स्तर पर समझाइश के बाद किरोड़ी अब दो अप्रैल से फिर से अपने महकमें का चार्ज संभालेंगे। इस दिन उन्होंने अपने विभाग की जंबो मीटिंग भी बुलाई है।
किरोड़ीलाल ने रविवार को सवाई माधोपुर में मीणा समाज के एक कार्यक्रम में इसे लेकर बयान भी दिया। उन्हेांने कहा कि अब मैं इस तरह से काम करूंगा कि कृषि विभाग की तस्वीकर बदल सकूं, प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की हर योजना का लाभ दिला सकूं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने का प्रयास करेंगे। किसानों को दूसरे राज्य में ले जाकर वहां की तकनीक जानने का प्रयास करेंगे।
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'गणेश जी की मेहरबानी रही, मैं मंत्री बना'
मीणा ने यह बात मतस्य जयंती समारोह पर कही। उन्होंने सवाई माधोपुर में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वैसे तो मैं 45 साल से चुनाव लड़ रहा हूं। लेकिन जब-जब सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ा और जीता तब-तब गणेशजी की कृपा से मैं मंत्री बना।
पर्ची ऊपर से आ गई तो मैं भी क्या करता
किरोड़ी ने भजनलाल सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने तो मुझे जी जान से जिताया। लेकिन पर्ची उपर से आ गई तो मैं भी क्या करता। आप समझ सकते हैं कि क्या हुआ। किरोड़ी बोले कि मैंने मंत्री बनने के बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था। करीब नौ महीने से ज्यादा का समय हो गया, लेकिन इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। अब उपर से मेरे को कहा गया है कि मैं काम करूं तो मैं काम करूंगा। किरोड़ी ने आगे कहा कि प्रदेश में वे अपनी विधानसभा में इस तरह का काम करेंगे कि किसी ने न तो अब तक किया होगा और न ही आने वाले समय में कोई कर पाएगा।