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हाईकोर्ट की नजर में एमपी-एमएलए के लंबित केस: 41 आपराधिक मामलों पर मांगी रिपोर्ट, जानिए किन-किन के नाम

Tue, 21 Jul 2026 05:17 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित 41 आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जवाब मांगा है। अदालत ने हाईकोर्ट प्रशासन से प्रगति रिपोर्ट तलब कर अगली सुनवाई 23 जुलाई तय की।
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हाईकोर्ट का फैसला - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने हाईकोर्ट प्रशासन से पूछा है कि इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश भुवन गोयल की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए। सुनवाई में हाईकोर्ट प्रशासन की 30 जून तक की रिपोर्ट पेश की गई, जिसके अनुसार प्रदेश में वर्तमान और पूर्व सांसदों-विधायकों से जुड़े 41 आपराधिक मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं।

एक केंद्रीय मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मामले लंबित

रिपोर्ट के अनुसार लंबित मामलों में एक केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के पांच मंत्री, 15 वर्तमान विधायक और 13 पूर्व विधायक शामिल हैं। राज्य सरकार ने अदालत को इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हो रही मॉनिटरिंग

खंडपीठ ने कहा कि यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2023 के निर्देशों के अनुरूप मॉनिटर किया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्ट को सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की नियमित निगरानी करने, आवश्यकता होने पर विशेष अदालतें गठित करने और शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

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प्रमुख नेताओं के खिलाफ ये मामले लंबित

रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ जोधपुर एडीजे कोर्ट-1 में वर्ष 2023 से मामला बहस के स्तर पर लंबित है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ थानागाजी एसीजेएम कोर्ट और रेलवे कोर्ट में मामले विचाराधीन हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के खिलाफ गोपालगढ़ प्रकरण से जुड़ा मामला वर्ष 2012 से जयपुर एडीजे कोर्ट-4 में लंबित है। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के खिलाफ 2021 से एसीडी कोर्ट में मामला लंबित है, जिस पर हाईकोर्ट की रोक है। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के खिलाफ भी अलग-अलग अदालतों में मुकदमे विचाराधीन हैं।

कई विधायकों पर भी चल रहे मुकदमे

लंबित मामलों में भाजपा के जितेंद्र गोठवाल, जयदीप बिहाणी, गोपाल शर्मा, कालीचरण सराफ, शांता देवी और राजेंद्र गुर्जर, कांग्रेस के शांति धारीवाल, कांति प्रसाद मीणा, अशोक चांदना, रामनिवास गावड़िया और ललित यादव, निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी तथा बीएपी विधायक उमेश डामोर के नाम भी शामिल हैं।

जयपुर में सबसे अधिक मामले

जिलेवार स्थिति के अनुसार सबसे अधिक 11 मामले जयपुर की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इसके बाद बांसवाड़ा में 8, कोटा, जोधपुर मेट्रो और श्रीगंगानगर में 4-4, जबकि दौसा में 2 मामले लंबित हैं। इसके अलावा अलवर, डूंगरपुर, जैसलमेर, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, मेड़ता, सलूंबर, सीकर, टोंक और उदयपुर में एक-एक मामला विचाराधीन है। अब इस मामले में 23 जुलाई को हाईकोर्ट लंबित मामलों के निस्तारण की प्रगति और आगे की कार्रवाई की समीक्षा करेगा।

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