प्रेमी युगल की सुरक्षा से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने डीग के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे युगल की सुरक्षा के मामले को व्यक्तिगत रूप से देखें और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करें। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि युगल को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए डीग के पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे। हाईकोर्ट ने यह आदेश खुशबू और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत के इस निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब पुलिस अधीक्षक को खुद यह सुनिश्चित करना होगा कि युगल की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही न हो।
सुरक्षा का मामला खुद देखें पुलिस अधीक्षक
याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डीग के पुलिस अधीक्षक को प्रेमी युगल की सुरक्षा का मामला अपने स्तर पर देखने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि युगल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेकर जरूरी सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी।
नुकसान पहुंचने पर तय होगी एसपी की जवाबदेही
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस अधीक्षक की जवाबदेही भी स्पष्ट कर दी। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि प्रार्थी प्रेमी युगल को किसी भी प्रकार का शारीरिक नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए डीग के पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे। अदालत के इस सख्त रुख से स्पष्ट है कि युगल की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, मामले में सुरक्षा के लिए किए जाने वाले विशिष्ट इंतजामों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।