जयपुर। सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और छात्राओं से छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं के बीच राजस्थान पुलिस ने अब “अंडरकवर पुलिसिंग” का मॉडल अपनाना शुरू कर दिया है। ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ की महिला पुलिसकर्मी आम महिलाओं की तरह सिविल ड्रेस में भीड़भाड़ वाले इलाकों, बसों, पार्कों और पर्यटन स्थलों पर पहुंच रही हैं और मनचलों को रंगे हाथ पकड़ रही हैं। राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान में 48 घंटे के भीतर प्रदेशभर से 140 आरोपियों को पकड़ा गया। इनमें वे युवक शामिल हैं जो बसों में छात्राओं को परेशान कर रहे थे, सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थे या स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों का पीछा कर रहे थे।
जलमहल पर ‘ऑपरेशन’
जयपुर के जलमहल पर एक युवक ने महिला पुलिसकर्मी को सामान्य पर्यटक समझकर कहा-“मैडम, चलिए आइसक्रीम खिलाता हूं।” युवक को यह नहीं पता था कि सामने खड़ी महिला कालिका यूनिट की सदस्य है। टीम के इशारे पर कुछ ही मिनटों में युवक को हिरासत में ले लिया गया। महिला पुलिसकर्मियों का कहना है कि सिविल ड्रेस में रहने के कारण आरोपी आसानी से अपनी असली हरकतें सामने ले आते हैं और यही इस अभियान की सबसे बड़ी रणनीति है।
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बस, पार्क और कैफे बने निगरानी के केंद्र
अभियान के दौरान पुलिस ने बसों, कैफे, पार्क, पर्यटन स्थलों और स्कूल-कॉलेज रूट्स को सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना। एक मामले में बस में सफर कर रही महिला पुलिसकर्मी ने एक युवक को युवती से बदसलूकी करते पकड़ा। दूसरे मामले में छात्राओं की शिकायत पर पीछा करने वाले युवक को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार कई मामलों में लड़कियां डर या सामाजिक दबाव के कारण शिकायत तक नहीं कर पातीं। ऐसे में अंडरकवर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से मौके पर तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है।
पुलिसिंग का बदलता मॉडल
राजस्थान पुलिस की यह रणनीति पारंपरिक पुलिसिंग से अलग मानी जा रही है। पहले ऐसी घटनाओं में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई होती थी, लेकिन अब पुलिस “प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग” मॉडल पर काम कर रही है, जहां अपराध होने से पहले ही निगरानी बढ़ाई जा रही है।
क्या है कालिका पेट्रोलिंग यूनिट?
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष टीम है। यह टीम सिविल ड्रेस में काम करती है और स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, बाजार, पार्क और पर्यटन स्थलों पर निगरानी रखती है। हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है।