राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दो दिन में 36 लाख गणना प्रपत्र वितरित। बाड़मेर, नागौर और बालोतरा जिले अग्रणी। 68% से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूर्ण, वोटरों को दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं।
राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बुधवार तक बीएलओ ने राज्य में कुल 36 लाख गणना प्रपत्र घर-घर जाकर वितरित किए। चित्तौड़गढ़ और अलवर जिले लगातार दो दिन से गणना प्रपत्र वितरण में अग्रणी रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवीन महाजन ने बताया कि प्रदेश के सभी मौजूदा मतदाताओं के लिए नए गणना प्रपत्र (ईएफ) की छपाई और वितरण का कार्य 199 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहा है। सभी राज्यों की मतदाता सूचियां https://voters.eci.gov.in/ पर अपलोड की जा चुकी हैं और यह CEO की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।
वर्तमान मतदाताओं की मैपिंग
अग्रणी और पिछड़े जिले
मैपिंग का लाभ
राज्य के वे मतदाता जिनका मिलान अन्य राज्यों की पिछली SIR सूची से हो गया है, उन्हें किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं। यह प्रक्रिया मतदाताओं के लिए सरल और सुविधा जनित है।
गणना प्रपत्र में जानकारी भरना