राजस्थान विधानसभा की सात सीटों पर 13 नवंबर को होने वाले उपचुनावों के लिए 25 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, 28 अक्टूबर तक नामांकन की जांच होगी और 30 अक्टूबर तक नामांकन वापस लेने की तिथि तय की गई है, 23 नवंबर को मतगणना होना तय है।
इन उपचुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और बाप भी मैदान में नजर आने वाली है। ऐसे में देखना रोचक होगा कि किस उम्मीदवार की दीपावली इस बार शुभ होने जा रही है और किसके राजनीतिक दीए में तेल खत्म होने वाला है। क्योंकि सातों विधानसभा सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस के कुल जमा 35-35 उम्मीदवार उम्मीद लगाए बैठे हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही लॉबिंग और तेज हो गई है।
प्रदेश के बड़े नेता राजेंद्र राठौड़ ने भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर हुई प्रेस वार्ता में अमर उजाला के सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे और उनके परिवार में से कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा। राठौर ने कहा- मुझे मौका मिला था जनता ने मुझे पराजित किया, मैं उसे पर पराजय को स्वीकार करता हूं।
गौरतलब है कि राजेंद्र राठौड़ के झुंझुनू से चुनाव लड़ने को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं और बीते कुछ दिनों से अटकल चल रही थी कि राजेंद्र राठौड़ अपने पुत्र पराक्रम सिंह के लिए झुंझुनू से टिकट की मांग कर सकते हैं परंतु राठौर ने आज स्पष्ट कर दिया कि वे या उनका परिवार चुनाव नहीं लड़ेंगे।