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Rajasthan: गलत UPI भुगतान पर न हों परेशान, जाने कैसे पाएं अपनी रकम; साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

Thu, 17 Jul 2025 08:32 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: राजस्थान साइबर क्राइम एसपी शांतनु कुमार सिंह के अनुसार, यदि किसी यूजर ने जल्दबाजी या गलती में किसी गलत यूपीआई आईडी या नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो उसकी भरपाई मुमकिन है। इसके लिए जरूरी है कि आप तुरंत कुछ ठोस कदम उठाएं। पढ़ें पूरी खबर
 
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सांकेतिक - फोटो : AI
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विस्तार
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देश में डिजिटल भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता के साथ यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन अब हमारे रोज़मर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। किराना स्टोर से लेकर बड़े-बड़े शोरूम तक, यहां तक कि सड़क किनारे चायवाले से लेकर ऑटो चालक तक अब डिजिटल पेमेंट स्वीकार करते हैं। इसने भुगतान प्रक्रिया को न केवल आसान बनाया है, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाई है। लेकिन इस सुविधा के साथ एक खतरा भी जुड़ा है राजजरा सी लापरवाही आपको आर्थिक नुकसान में डाल सकती है, खासतौर पर तब जब आप जल्दबाजी में गलत नंबर पर पैसे भेज देते हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर लोग घबरा जाते हैं और सोचते हैं कि अब उनका पैसा वापस नहीं मिल पाएगा। लेकिन अब आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है जिसमें बताया गया है कि अगर आपसे गलती से गलत खाते में भुगतान हो गया है, तो किस तरह आप अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं।

राजस्थान साइबर क्राइम एसपी शांतनु कुमार सिंह के अनुसार, यदि किसी यूजर ने जल्दबाजी या गलती में किसी गलत यूपीआई आईडी या नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो उसकी भरपाई मुमकिन है। इसके लिए जरूरी है कि आप तुरंत कुछ ठोस कदम उठाएं।

सबसे पहले तो जैसे ही आपको पता चले कि भुगतान गलत खाते में चला गया है, आपको बिना देर किए हेल्पलाइन नंबर 18001201740 पर संपर्क करना चाहिए। यह हेल्पलाइन विशेष रूप से यूपीआई ट्रांजैक्शन में हुई गलतियों से संबंधित शिकायतों के लिए उपलब्ध है। इस पर शिकायत दर्ज कराने से संबंधित प्रक्रिया शुरू हो जाती है और आपकी राशि वापस पाने की संभावना बनती है।

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शिकायत दर्ज कराने के बाद अगला कदम होता है अपने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करना। वहां जाकर आपको एक आवेदन पत्र भरना होगा जिसमें लेनदेन की तारीख, समय, रकम, प्राप्तकर्ता की यूपीआई आईडी या नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी जैसी पूरी जानकारी देनी होगी। बैंक इस आधार पर संबंधित खाते से संपर्क कर सकता है और यदि संभव हो तो राशि को रिकवर करने की कोशिश करता है। इस दौरान आपको एक और बात का विशेष ध्यान रखना होगा। भुगतान के समय जो भी मैसेज या ईमेल आपके फोन पर आया है, उसे सुरक्षित रखें। गलती से भेजे गए पेमेंट का स्क्रीनशॉट लें और उसका प्रिंट आउट निकालकर बैंक में साथ लेकर जाएं। यह सबूत के तौर पर काम करता है और प्रक्रिया को तेज करता है।

एसपी शांतनु कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की गाइडलाइंस के अनुसार, इस तरह के मामलों में शिकायत दर्ज कराने की अधिकतम समय-सीमा तीन दिन की होती है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप गलती से किसी को पैसा भेज देते हैं, तो आपको तीन दिन के भीतर ही बैंक और संबंधित एजेंसियों को सूचित करना होता है। इसके बाद शिकायत दर्ज कराना और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करना संभव होता है। अगर आप इस समय सीमा में देरी करते हैं तो फिर रिकवरी मुश्किल हो सकती है। गलत यूपीआई ट्रांजैक्शन के अलावा, राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय भी साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप डिजिटल फ्रॉड से खुद को बचा सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बैंक खाता संख्या, एटीएम कार्ड का नंबर, सीवीवी, पिन, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर या किसी भी माध्यम से न दें। पुलिस बार-बार चेतावनी देती रही है कि कोई भी बैंक या अधिकृत संस्था इन जानकारियों की फोन पर मांग नहीं करती। यदि कोई इस तरह की जानकारी मांगता है तो समझिए कि वह एक फ्रॉड कॉल है।

अगर कभी आपको किसी कॉल, लिंक या ट्रांजैक्शन को लेकर कोई शक होता है तो अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें। इसके अलावा आप राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 9256001930 या 9257510100 पर कॉल करके भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

यदि किसी ने आपके खाते से धोखे से पैसे निकाल लिए हैं या किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का आप शिकार हुए हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। यह नंबर भारत सरकार की ओर से पूरे देश में जारी किया गया है और इस पर शिकायत दर्ज कराते ही कार्रवाई शुरू हो जाती है। इसके अलावा आप साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।

इस पोर्टल पर आप स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन डिटेल, संदिग्ध लिंक या कॉल रिकॉर्ड जैसी जानकारी अपलोड कर सकते हैं, जिससे जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने में सुविधा होती है। यदि आपके इलाके में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मौजूद है, तो वहां जाकर आप सीधे भी शिकायत कर सकते हैं और तुरंत एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।

डिजिटल भुगतान ने जहां जीवन को सरल और आधुनिक बनाया है, वहीं इसके साथ जुड़ी जिम्मेदारियां भी हमारी हैं। एक छोटा सा ट्रांजैक्शन कभी-कभी बड़ा नुकसान कर सकता है, लेकिन अगर आप सतर्क हैं और समय पर कार्रवाई करते हैं तो नुकसान से बचा जा सकता है। राजस्थान पुलिस की यह एडवाइजरी न केवल यूपीआई से जुड़े मामलों में सहायक है, बल्कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का सही रास्ता भी दिखाती है।

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