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राजस्थान: कांग्रेस में भीड़ का होगा हिसाब ! दिल्ली के लिए गाड़ियों की वीडियोग्राफी और कार्यकर्ताओं की गिनती

Tue, 27 Oct 2026 03:28 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान कांग्रेस में दिल्ली महारैली के लिए जुटने वाली भीड़ का पूरा हिसाब रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं को ले जाने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी होगी, गाड़ियों के नंबर दर्ज किए जाएंगे और कार्यकर्ताओं की संख्या गिनी जाएगी। इसकी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेजने की तैयारी है।
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कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए राजस्थान कांग्रेस को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य मिला है। पंचायत चुनाव के बीच इस लक्ष्य को पूरा करना प्रदेश नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती है। इसी को लेकर कांग्रेस आज जयपुर में बैठक कर रैली की तैयारियों और जिलों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा करेगी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे।

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पहले टारगेट 50 हजार का था फिर हुआ एक लाख
कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने रविवार को जयपुर में हुई बैठक में राजस्थान से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य दिया था। पहले यह संख्या 50 हजार तय की गई थी। लक्ष्य बढ़ने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जिलाध्यक्षों, विधायकों और सांसदों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। आज की बैठक में इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला और विधानसभा स्तर पर की जा रही तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।

कई जिलों को दस-दस हजार लोगों का लक्ष्य

प्रदेश कांग्रेस ने जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, भरतपुर, करौली और जयपुर ग्रामीण सहित कई जिलों को दस-दस हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए जिलाध्यक्षों के साथ विधायकों, सांसदों और चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के ब्लॉक, जिला और मंडल स्तर पर बैठकें कर कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
आज की बैठक में यह अहम रहेगा कि जिलों को दिए गए लक्ष्य को किस तरह पूरा किया जाए और कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने के लिए क्या व्यवस्था की जाए। 

पंचायत चुनाव के बीच कार्यकर्ताओं को जुटाना चुनौती

राजस्थान में चार चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता प्रत्याशियों के चयन, प्रचार और चुनावी प्रबंधन में व्यस्त हैं। कांग्रेस के सामने चुनौती यह है कि चुनावी गतिविधियों को प्रभावित किए बिना बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली कैसे पहुंचाया जाए।

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पार्टी का मानना है कि दिल्ली से नजदीक होने के कारण भरतपुर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, झुंझुनूं, दौसा और जयपुर सहित कई जिलों से कार्यकर्ताओं को ले जाना अपेक्षाकृत आसान रहेगा। जिन जिलों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वहां से भी कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल करने की योजना है।

दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं की होगी निगरानी

रैली में नेताओं की ओर से कितने कार्यकर्ता ले जाए गए, इसका रिकॉर्ड रखने की तैयारी भी है। राजस्थान से दिल्ली जाने वाले मार्गों पर चेक पोस्ट बनाकर वाहनों की वीडियोग्राफी करने, गाड़ियों के नंबर दर्ज करने और कार्यकर्ताओं की संख्या नोट करने की योजना बनाई गई है। इन जानकारियों की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेजी जाएगी।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा है कि पार्टी हाईकमान की ओर से दिया गया एक लाख लोगों का लक्ष्य पूरा करने के लिए जिलों में बैठकें की जा रही हैं। 

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