मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनजाति विकास कोष के लिए 791.50 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। उक्त राशि से अनसूचित जनजातियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री गहलोत के इस निर्णय से वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों के निर्माण, नवीनीकरण, मां-बाड़ी केंद्रों के निर्माण, सोलर आधारित लिफ्ट सिंचाई परियोजना, खेलों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों के संरक्षण सहित विभिन्न कार्य किए जा सकेंगे।
शिक्षा, कृषि, रोजगार, खेल, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में कार्य होंगे
शिक्षा, कृषि, रोजगार, खेल, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में कार्य होने से जहां अनुसूचित जनजाति के लोगों का शैक्षिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सकेगा। वहीं अनुसूचित जनजाति की सांस्कृतिक धराहरों को भी संरक्षित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में अनुसूचित जनजाति विकास कोष के लिए राशि बढ़ाने की घोषणा की गई थी।