राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को सरकार के दो साल के कार्यकाल के प्रतिवेदन पर बहस के प्रस्ताव को लेकर तीखा विवाद और हंगामा देखने को मिला। बढ़ते शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार के दो साल के कामकाज पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में बहस ‘पांच साल बनाम दो साल’ के मुद्दे पर कराने का निर्णय हुआ था, जबकि अब केवल दो साल के कार्यकाल पर चर्चा का प्रस्ताव लाया गया है।
मुख्यमंत्री के बयान का हवाला
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और जोगाराम पटेल ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 5 फरवरी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री ने सदन में ‘दो साल बनाम पांच साल’ पर बहस कराने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रस्ताव मुख्यमंत्री की बात के अनुरूप नहीं है।
इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हंगामे के चलते स्पीकर ने पहले 3:27 बजे और फिर 3:57 बजे सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
पढ़ें- Rajasthan Politics: 'मुझसे पूछते हैं, आप कहां की विधायक हैं', कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी का सीएम भजनलाल पर तंज
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। मंत्री अविनाश गहलोत और जवाहर बेढम ने कांग्रेस पर बहस से भागने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष चर्चा से बचना चाहता है। वहीं, टीकाराम जूली ने पलटवार कर कहा कि सरकार असली मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यदि बहस करनी है तो ‘पांच साल बनाम दो साल’ के प्रस्ताव पर ही कराई जाए। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दूसरी बार भी 4:57 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
जूली का मीडिया से बयान
सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में टीकाराम जूली ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सदन में स्पष्ट रूप से ‘2 साल बनाम 5 साल’ की बहस के लिए तैयार होने की बात कही थी और यह रिकॉर्ड में दर्ज है।
जूली के अनुसार, इसके बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में वे स्वयं, पार्टी के सचेतक, अन्य दलों के सदस्य, निर्दलीय विधायक, संसदीय कार्य मंत्री और उनके सचेतक मौजूद थे। उस बैठक में ‘2 साल बनाम 5 साल’ पर बहस कराने पर सहमति बनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार केवल अपने दो साल के प्रतिवेदन पर चर्चा कराना चाहती है। जूली ने कहा कि विपक्ष की मांग सरकार के दो साल और कांग्रेस के पांच साल के कामकाज की तुलना पर आधारित है, ताकि जनता स्वयं निर्णय कर सके।