नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित अन्य लोग
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राजस्थान में भजनलाल सरकार फोन टैपिंग मामले पर घिरती नजर आ रही है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा द्वारा अपनी ही सरकार पर लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों के बाद विपक्ष ने शुक्रवार सुबह प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही सरकार की घेराबंदी कर दी। सदन में राज्यपाल अभिभाषण पर सीएम भजनलाल शर्मा का जवाब आना है। लेकिन विपक्ष सुबह से ही धरने पर बैठा है।
बता दें कि स्पीकर वासुदेव देवनानी ने गतिरोध खत्म करने के लिए दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की। इसके बाद प्रतिपक्ष को अपने चैंबर में भी बुलाया। लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यह कहते हुए स्पीकर के चैंबर में जाने से मना कर दिया कि हमारा गतिरोध स्पीकर से नहीं है। विपक्ष फोन टैपिंग मामले में सदन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जवाब को लेकर अड़ गया है।
इधर, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी फोन टैपिंग पर विधानसभा में हंगामे के बाद सोशल मीडिया पर ट्वीट कर दिया है। उन्होंने लिखा, हमारी सरकार के समय मैंने सदन के पटल पर कहा था कि किसी भी मंत्री, सांसद और विधायक का टेलीफोन सर्विलांस पर नहीं लिया गया और न ही लिया जाएगा। परंतु भाजपा सरकार पर अपने ही कैबिनेट मंत्री द्वारा फोन टैपिंग के आरोप लगाना तो भाजपा की सच्चाई उजागर करता है।
यह मामला बहुत गंभीर प्रकृति का है, क्योंकि आरोप राजनीतिक लाभ के लिए किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि सरकार के कैबिनेट मंत्री ने लगाए हैं। इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस टकराव के मूड में, बजट पर भी विरोध के बादल
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सदन से बाहर आकर भी फोन टैंपिंग को लेकर बयान दिए। टीकाराम जूली ने कहा कि जब तक सीएम भजनलाल शर्मा इस मामले में सदन में आकर बयान नहीं देते कांग्रेस विधायकों का विरोध बरकरार रहेगा। बजट सत्र में सीएम शर्मा के जवाब के बाद सदन 19 फरवरी को फिर से बजट के लिए जुटेगा। लेकिन अगर आज सरकार इस मामले को ठंडा नहीं करती है तो बजट पेश करने के दौरान भी उसे इस मुद्दे का सामना करना पड़ सकता है।