Rajasthan Assembly: पूर्व CM अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार विधानसभा चलाना नहीं चाहती और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से बच रही है। उन्होंने अतिरिक्त कैमरों को गोपनीयता का उल्लंघन बताया और इसकी जांच की मांग की। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में कैमरे लगाने को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि सरकार विधानसभा चलाना ही नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े सभी मुद्दे उठा रहा है, चाहे वह लगातार बारिश से फसलें खराब होने का मामला हो, कानून-व्यवस्था का प्रश्न हो या अन्य जनहित के विषय।
गहलोत ने कहा, “लगातार बारिश एक ज्वलंत मुद्दा है। सरकार को खुद पहल करते हुए इस पर चर्चा करानी चाहिए थी। मंत्री को बयान देना चाहिए था और सदस्यों के सुझावों से सरकार को फीडबैक मिलता। लेकिन सरकार चर्चा से भाग रही है, जिससे उसकी नीयत उजागर हो गई है।” कैमरा विवाद पर गहलोत ने कहा कि गोपनीयता का उल्लंघन गंभीर मामला है। “संसद और विधानसभाओं में कैमरे होते हैं और कार्यवाही का प्रसारण भी होता है, लेकिन अतिरिक्त कैमरे लगाकर विपक्ष की बातें सुनने की कोशिश करना, वह भी तब जब सदन स्थगित हो चुका हो—यह सरासर गलत है,” उन्होंने कहा। गहलोत ने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि अतिरिक्त कैमरों की स्थापना की प्रक्रिया और उद्देश्य की निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।