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वहां महिला अफसर सुपर डीजी: पूर्व सीएम गहलोत ने एसीबी की निष्पक्षता पर सवाल, बोले-अधिकारियों पर बना रहे दबाव

Sat, 31 Oct 2026 07:34 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसीएस शिखर अग्रवाल से जुड़ी 40 विला खरीद के मामले में एसीबी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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पूर्व सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल द्वारा एक ही कंपनी से 40 विला खरीदने के मामले में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर हमला बोला है। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। गहलोत ने कहा कि प्रकरण में अभी केवल प्राथमिक जांच दर्ज हुई है और एसीबी के महानिदेशक (डीजी) पर ऊपरी स्तर से अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है।
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एसीबी की जांच प्रणाली पर उठाए सवाल
गहलोत ने दावा किया कि एसीबी में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) स्तर की एक महिला अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो 'सुपर डीजी' की भांति कार्य कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊपर से निर्देश प्राप्त होते ही लक्षित व्यक्तियों पर दबाव बनाने और कार्रवाई करने का कार्य किया जाता है। महिला अधिकारी अन्य कर्मचारियों को निर्देशित करती हैं, जिसके आधार पर मामले दर्ज होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एसीबी के डीजी सरल स्वभाव के अधिकारी हैं, इसलिए उन पर आसानी से दबाव बना दिया जाता है। पूर्व में महेश जोशी से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान भी डीजी ने उच्च स्तर के दबाव की बात कही थी।

विला खरीद और दरों के अंतर पर घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने विला की खरीद प्रक्रिया और तय दरों पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि शिखर अग्रवाल के लिए 40 विला छह करोड़ रुपये में यानी 15 लाख रुपये प्रति विला की दर से बेचे गए। दूसरी तरफ राज्य सरकार पत्रकारों को 75 लाख रुपये में एक फ्लैट देने का प्रस्ताव रख रही है। गहलोत ने सवाल उठाया कि एक करोड़ रुपये मूल्य का विला महज 15 लाख रुपये में उपलब्ध कराने की यह रियायती योजना क्या सिर्फ एक पसंदीदा अधिकारी के लिए बनाई गई थी? उन्होंने मांग की कि यदि यही सुविधा आम नागरिकों और पत्रकारों को भी मिले, तो इससे अनेक लोगों को लाभ होगा।
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बैठक का विवाद और निष्पक्ष जांच की मांग
गहलोत ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक प्रशासनिक बैठक का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। उस समय संबंधित एसीएस अधिकारी और अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रकरण का पूरा सच सामने लाना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने बल दिया कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाने के बजाय वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने शिखर अग्रवाल को केवल पद से हटाकर (एपीओ) प्राथमिक जांच तक सीमित रखने के कदम को अपर्याप्त बताते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया।
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