राजस्थान में जिन नवगठित संभाग व जिलों को हाल में भजनलाल सरकार ने निरस्त करने का निर्णय लिया है, उन जिलों में स्वीकृत सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों के पद भी अब खत्म कर दिए गए हैं। हालांकि शाहपुरा, सांचौर, अनूपगढ़ में एडीएम सहित 21 पद समाप्त नहीं होंगे। इस संबंध में वित्त विभाग की पत्रावली को सूक्ष्म स्तर से मंजूरी दे दी गई है।
इन 3 संभाग 9 जिलों को किया था निरस्त
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में बनाए गए 3 नए संभाग व 17 जिलों में से 9 जिलों को भजनलाल सरकार ने पिछली कैबिनेट की बैठक में निर्णय लेकर निरस्त कर दिया था। निरस्त किए गए तीन संभागों में बांसवाड़ा, सीकर, पाली व 9 नए जिलों में अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, गंगापुर सिटी, दूदू, जयपुर ग्रामीण, नीम का थाना, केकड़ी, सांचौर और शाहपुरा शामिल थे।
संभाग के संचालन के लिए पूर्ववर्ती सरकार ने 3 संभागीय आयुक्त, 3 अतिरक्त संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, तहसीलदार, सहायक प्रशासनिक अधिकारी व होमगार्ड सहित 81 पद स्वीकृत किए थे। आदेशानुसार ये सभी पद अब खत्म कर दिए गए हैं।
वहीं जिन 9 जिलों को खत्म किया गया हैं, उनमें से 7 जिलों में कलेक्टर, लेखा सेवा, बाबू सहित 220 पद खत्म किए गए हैं। जयपुर ग्रामीण व जोधपुर ग्रामीण के लिए लगाए गए कलेक्टर व ऑफिस स्टॉफ सहित 70 पद समाप्त किए गए हैं। इनके अलावा इन 9 जिलों तहसीलदार, कानूनगो, अतिरिक्त कानूनगो सहित 42 पद भी खत्म कर दिए गए हैं।
2023 में बने थे नए संभाग-जिले
पिछली कांग्रेस सरकार में तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने विधनसभा चुनावों की घोषणा से लगभग 2 महीने पहले अगस्त 2023 में राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया था। राजस्थान में 3 नए संभाग व 19 नए जिले बनाए थे। इन 19 में से 9 जिलों को भजनलाल सरकार ने निरस्त करने का निर्णय लिया है। इनमें बांसवाड़ा, सीकर, पाली संभाग तथा दूदू, केकड़ी, गंगापुर सिटी, नीम का थाना, सांचौर, शाहपुरा, अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण और जयपुर ग्रामीण जिले निरस्त कर दिए गए। जबकि कोटपूतली बहरोड़, ब्यावर, तिजारा खैरथल, डीग, फलौदी, कुचामन-डीडवाना और सलूंबर जिले यथावत रखे गए हैं।