पुलिस पर फायरिंग कर करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने जयपुर में दबोच लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में ठिकाने बदलकर रह रहा था। पुलिस को उसकी लोकेशन एक नशे की पार्टी के दौरान मिली।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संदीप राज शर्मा (31) दौसा जिले के आछीवास का रहने वाला है। उसके खिलाफ जयपुर और दौसा सहित अलग-अलग थानों में मारपीट, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र, आर्म्स एक्ट और फायरिंग समेत 11 मामले दर्ज हैं।
पुलिस पर फायरिंग कर स्कॉर्पियो से हुआ था फरार
जयपुर पुलिस आरोपी की तलाश में जून 2025 में नंदन विहार कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान पर पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक संदीप राज ने वहां अचानक देशी कट्टा निकालकर पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। गोली एक पुलिसकर्मी के हाथ को छूकर निकल गई।
फायरिंग के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मकान से बाहर निकला और वहां खड़ी स्कॉर्पियो में बैठकर फरार हो गया। इसके बाद से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। रामनगरिया थाने में उसके खिलाफ फायरिंग और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
छत्तीसगढ़ और एमपी में बदलता रहा ठिकाने
पुलिस जांच में सामने आया कि मामला दर्ज होने के बाद संदीप राज छत्तीसगढ़ स्थित अपनी ससुराल में जाकर रहने लगा। वह बीच-बीच में जयपुर आता-जाता था। इसके अलावा मध्यप्रदेश में दोस्तों के यहां भी ठहरकर फरारी काटता रहा। करीब एक महीने पहले वह छत्तीसगढ़ से दौसा आया और पिछले कुछ समय से जयपुर-दौसा के बीच लगातार ठिकाने बदल रहा था।
ड्रग तस्करों के साथ नशे की पार्टी में पहुंचा था
ANTF को सूचना मिली कि 25 हजार रुपये का इनामी संदीप राज अपने कुछ NDPS मामलों में वांछित तस्कर दोस्तों के साथ जयपुर में नशे की पार्टी करने वाला है। टीम ने सूचना की पुष्टि के बाद संबंधित स्थान पर निगरानी शुरू की। कुछ देर बाद आरोपी के वहां पहुंचते ही ANTF ने दबिश दी। पुलिस के मुताबिक संदीप राज ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके साथ पार्टी में आने वाले अन्य कथित ड्रग तस्कर पुलिस की भनक लगने पर मौके पर नहीं पहुंचे।
2022 से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार संदीप राज के खिलाफ पहला मामला 2022 में आदर्श नगर थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था, जिसमें पिस्टल बरामद हुई थी। इसके बाद उसके खिलाफ खोहनागोरियान, कानोता, बस्सी और रामनगरिया सहित विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हुए।
पुलिस के मुताबिक संदीप राज ने शुरुआती पढ़ाई आछीवास गांव में और 10वीं से 12वीं तक की पढ़ाई दौसा में की। 12वीं के बाद उसने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। पुलिस का दावा है कि प्रॉपर्टी कारोबार में विवाद के बाद वह धीरे-धीरे आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। ANTF अब आरोपी से उसके NDPS मामलों में वांछित आरोपियों से संपर्क और नशे के नेटवर्क से उसके संबंधों को लेकर पूछताछ कर रही है।