राजस्थान में बीते तीन दिन से हुई बारिश आफत बन गई। शनिवार को जोधपुर के बालेसर में सबसे ज्यादा 175 एमएम बारिश हुई। वर्षा जनित हादसों में शनिवार को अलग-अलग जगहों पर सात लोगों की मौत हो गई। इन्हें मिलाकर अब तक इस सीजन में बारिश से हुए हादसों में 30 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। राजस्थान में आज ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में बारिश की संभावना है।
शनिवार को राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी। जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में लगभग 40 साल पुराना बांध बारिश के चलते टूट गया। तेज बहाव के कारण बांध का पानी करीब 10 किलोमीटर तक खेतों और ढाणियों में फैल गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ढाणियों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसी दिन बालेसर नगर पालिका क्षेत्र के अमृतनगर में भी 20 साल पुराना बांध टूट गया, जिससे स्थानीय इलाकों में जलभराव और नुकसान की खबरें आईं।
ये भी पढ़ें-
जोगाराम पटेल का बड़ा बयान, बोले- जाति के आधार पर प्रदेश की मांग अनुचित, विकास पर हो चर्चा
जैसलमेर, पाली, बूंदी, टोंक समेत कई जिलों में भी तेज बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पोकरण और नाचना में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, वहीं पाली जिले में भी पानी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में राजस्थान में औसत से 108 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। राज्य में बारिश से लगातार हो रही जनहानि और बांधों के टूटने की घटनाएं चिंताजनक हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, लेकिन मौसम की मार से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई जानें भी गईं
- अजमेर के किशनगढ़ में तालाब में डूबने से चार लड़कियों में से तीन की मौत हो गई।
- तिलोनिया (किशनगढ़) की एक नाड़ी में एक लड़के की डूबने से मौत हुई।
- सवाई माधोपुर के कागजी मोहल्ले में नाले में गिरने से चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वह सुबह घर के पास खेल रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
- टोंक में शुक्रवार रात बहे बाइक सवार युवक का शव 15 घंटे बाद बरामद हुआ।
- बूंदी जिले के नैनवां क्षेत्र के दुगारी गांव में शुक्रवार रात एक व्यक्ति बह गया, जिसकी तलाश अब भी जारी है।