फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनावों में बाहुबलियों के बूथ रडार पर : 90% से ज्यादा मतदान में एकतरफा वोटिंग वाले केंद्र होंग चिन्हित

Thu, 23 Jul 2026 03:15 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

नीट पेपर लीक विवाद पर जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के जवाब में कांग्रेस ने भी भाजपा प्रदेश मुख्यालय घेरने की घोषणा की।

विज्ञापन
पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों से पहले निर्वाचन विभाग ने बाहुबली और प्रभावशाली व्यक्तियों के असर वाले मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार ऐसे बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा जाएगा, जहां पिछले चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ हो और उसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा वोट किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में पड़े हों।

निर्वाचन विभाग का मानना है कि इस तरह का असामान्य मतदान पैटर्न कई बार मतदाताओं पर दबाव, प्रभाव या संगठित वोटिंग की आशंका की ओर संकेत करता है। ऐसे मतदान केंद्रों की अलग से समीक्षा कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन


निर्देशों के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रशासन पिछले चुनावों के मतदान आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे। यदि किसी बूथ पर अत्यधिक मतदान के साथ एक उम्मीदवार को असामान्य रूप से अधिक वोट मिले हैं, तो उसे संवेदनशील या अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र की सूची में शामिल किया जा सकता है।

ऐसे बूथों पर मतदान के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल, माइक्रो ऑब्जर्वर, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी और सेक्टर अधिकारियों की विशेष निगरानी रहेगी। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा सकती है।

इन आधारों पर भी होगी संवेदनशील बूथों की पहचान

निर्वाचन विभाग केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर ही नहीं, बल्कि हिंसा, बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान, चुनाव बहिष्कार, आपराधिक गतिविधियों, सांप्रदायिक या जातीय तनाव और बाहुबलियों के प्रभाव जैसे अन्य पहलुओं को भी संवेदनशीलता के आकलन में शामिल करेगा।
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य किसी क्षेत्र या उम्मीदवार को निशाना बनाना नहीं, बल्कि मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त बनाना है, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें