स्वतंत्रता संग्राम की पुरानी तस्वीर, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा।
- फोटो : defenceforumindia.com
स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा ले चुके राजस्थान के सेनानियों में अब कुछ और नाम भी जोड़े जाएंगे। करीब दो दशक से काम न होने के बाद अब भजनलाल सरकार ने इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में गठित की गई यह कमेटी स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन नियम 1959 में और संशोधन के लिए 14 ए के लंबित प्रकरणों को लेकर विचार करेगी। हालांकि राजस्थान में इसके लिए पहले से कमेटी अधिकृत थी लेकिन अब उसमें संशोधन कर मुख्यमंत्री की जगह मंत्री को शामिल किया गया है।
कमेटी का किया गया गठन
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन नियम 1969 में और संशोधन के लिए नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू किया है. इसके साथ ही 14 ए के लंबित प्रकरणों पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
- मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में बनी है कमेटी
- मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त होंगे सदस्य
- जबकि GAD सचिब डॉक्टर जोगाराम होंगे इसके सदस्य सचिव
- माना जा रहा है कि 1999 में हुआ था अंतिम स्वतंत्रता सेनानी दर्ज
- अभी कमेटी के इसलिए हुए आदेश जारी कि स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नाम दर्ज करने के लिए है एकमात्र आवेदन
- रडमल का नाम स्वतंत्रता सेनानी में शामिल करने को लेकर है आवेदन
- कमेटी करेगी इस आवेदन पर विचार
ये हैं अभी जीवित पेंशन प्राप्त स्वतंत्रता सेनानी
- अजमेर की शोभाराम गहरवार
- छबड़ा के राधेश्याम भार्गव
- भरतपुर के हुकमचंद सैनी, रामजीलाल और ओमप्रकाश पांडेय
- उदयपुर के मनोहर लाल जैन
- जयपुर के रामू सैनी
- राजसमंद के मदनमोहन समेटिया चौधरी
- नीमकाथाना के कालीदास स्वामी
- उदयपुर के ललित मोहन शर्मा
- माना जा रहा है कि अब कमेटी की बैठक जल्द होगी, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी के आवेदनों पर विचार किया जाएगा।