करणी सेना ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
- फोटो : अमर उजाला
यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में निकाली गई सवर्ण न्याय यात्रा अब राजनीतिक रूप लेती दिखाई दे रही है। जयपुर में यात्रा के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारी देवराज सिंह की मौत के बाद श्री राजपूत करणी सेना ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
800 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
महिपाल मकराना ने कहा कि संगठन ने 24 दिनों में लगभग 800 किलोमीटर की शांतिपूर्ण पदयात्रा कर गांधीवादी तरीके से यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण किया। उनका आरोप है कि जयपुर पहुंचने पर प्रशासन से बातचीत के बावजूद कालवाड़ पुलिया के नीचे बैरिकेड लगाकर यात्रा को रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया, जिसमें महिलाएं, युवा और बच्चे भी प्रभावित हुए। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में देवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हुए, जिनकी बाद में मौत हो गई।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
करणी सेना ने इस घटना को प्रशासन की बड़ी विफलता बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मकराना ने विशेष रूप से पुलिस अधिकारी बी.एल. मीणा को निलंबित करने, वाटर कैनन चलाने के आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा देवराज सिंह के परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा के खिलाफ जनसंपर्क अभियान की चेतावनी
आगामी निकाय और पंचायत चुनावों का उल्लेख करते हुए मकराना ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो करणी सेना पूरे राजस्थान में भाजपा के खिलाफ जनसंपर्क अभियान चलाएगी। संगठन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करेंगे। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में सवर्ण समाज निर्णायक भूमिका निभाता है और इसका असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें:
राजस्थान में OBC आरक्षण का 'ट्रिपल टेस्ट' क्या है? पंचायत-निकाय चुनाव से पहले समझिए पूरा गणित
मकराना ने कहा कि सात दिन बाद आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी, जिसमें जयपुर बंद, मुख्यमंत्री आवास का घेराव और आवश्यकता पड़ने पर राजस्थान बंद जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।