मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण रोजगार, किसानों, सरकारी कर्मचारियों और मानसून प्रबंधन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार ने विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप नई ग्रामीण आजीविका योजना को मंजूरी देने के साथ राज्य कर्मचारियों की बीमा सुरक्षा में बड़ा बदलाव किया। साथ ही मंत्रियों को जिलों में जाकर बारिश, पेयजल, बिजली, सड़क और कृषि व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन रोजगार की गारंटी
कैबिनेट ने 'विकसित भारत गारंटी एवं रोजगार-आजीविका मिशन (ग्रामीण)' योजना को मंजूरी दी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को गति देना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जबकि पहले यह सीमा 100 दिन थी। योजना में जल संरक्षण, आधारभूत संरचना निर्माण और आपदा प्रबंधन के कार्य भी शामिल किए गए हैं। डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा महिलाओं एवं कमजोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक मिलेगा बीमा कवरेज
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में संशोधन को मंजूरी दी। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। अब राज्य कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति की तिथि तक बीमा सुरक्षा मिलेगी। पहले बीमा पॉलिसी वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही परिपक्व मानी जाती थी, जिससे सेवानिवृत्ति तक बीमा कवरेज का लाभ नहीं मिल पाता था। संशोधित व्यवस्था के तहत प्रीमियम की कटौती और भुगतान संबंधी प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
कैबिनेट ने राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम-2026 को भी मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत श्रम विवादों की शिकायतें पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज होंगी और उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। श्रमिक संगठनों के चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गुप्त मतदान अनिवार्य किया गया है। साथ ही कार्यस्थल स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने का प्रावधान भी किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट (TOF) पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और मिशन हरियालो राजस्थान के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार पिछले दो वर्षों में लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और चालू मानसून में 10 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। नई नीति के तहत सड़कों, नहरों, नदी-नालों और अन्य सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
कैबिनेट ने बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी से प्रभावित नमक खदान संचालकों के लिए राहत बढ़ाने का भी फैसला किया। विस्थापित 198 नमक खदानों के लिए दिए जाने वाले डिस्टर्बेंस चार्ज को बढ़ाकर लगभग 9.81 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसे 2025 की दरों के आधार पर संशोधित किया गया है।
जैसलमेर में दो सीमेंट प्लांट मंजूर
औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए जैसलमेर में दो बड़े सीमेंट संयंत्रों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई। स्टार सीमेंट नॉर्थ ईस्ट लिमिटेड को रामगढ़ क्षेत्र में करीब 200 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जहां लगभग 6,200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को लीला पारेवार क्षेत्र में करीब 107 हेक्टेयर भूमि दी गई है। सरकार का मानना है कि रिफाइनरी के साथ इन परियोजनाओं से पश्चिमी राजस्थान में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन को मंजूरी
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन को मंजूरी दी। सरकार ने बताया कि राज्य में इस समय करीब 49 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है और वर्ष 2030 तक 125 गीगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नई व्यवस्था में बैटरी ऊर्जा भंडारण (Battery Energy Storage Systems) को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे सौर और पवन ऊर्जा की उपलब्धता रात के समय भी सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा कैबिनेट ने 'हर घर तिरंगा-2026' अभियान को भी मंजूरी दी। यह अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस दौरान घरों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराया जाएगा तथा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गायन सहित विभिन्न राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में जारी मानसून और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की भी समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों का दौरा करेंगे और बिजली, पेयजल, सड़क, चिकित्सा तथा आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। सरकार का उद्देश्य भारी बारिश के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना है।
किसानों के लिए कृषि आदानों की उपलब्धता पर जोर
बैठक में किसानों को प्रमाणित बीज सहित सभी आवश्यक कृषि आदानों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलों में कृषि व्यवस्थाओं की समीक्षा करें, ताकि किसानों को फसल उत्पादन के हर चरण में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हो सकें।