भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर राठौड़
विश्व आदिवासी दिवस की तुलना वेलेंटाइन डे और भेडचाल से करने वाला बयान देकर बुरी तरह घिरे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अब यूटर्न ले लिया है। मदन राठौड़ ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि आदिवासियों का पूरा सम्मान करते हैं और उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मदन राठौड़ बोले कि भगवान बिरसा मुंड्डा का जन्म दिन 15 नवंबर को है् और मैं आदिवासी गौरव दिवस मनाता हूं। राठौड़ बोले कि सांसद राजकुमार रोत ने आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति के लिए जो शब्द कहे उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
राठौड़ के बयान पर क्यों छिड़ा विवाद
हाल ही में विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त 2026) के मौके पर मदन राठौड़ ने एक बयान में कहा था कि 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाने का देश के जनजाति क्षेत्र के लोगों से कोई वास्ता नहीं है और लोग इसे केवल 'भेड़चाल' में मना रहे हैं। उनके इस बयान पर भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत और कांग्रेस पार्टी ने कड़ा एतराज जताया। कांग्रेस ने इसे आदिवासी समाज का अपमान करार देते हुए राठौड़ पर जमकर निशाना साधा।
यह भी पढ़ें-
क्रूरता की हदें: बच्चा नहीं हुआ तो बहू को मौत के घाट उतार दिया! पति, सास और ससुर को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
राजकुमार रोत का सवाल- फिर विश्व योग दिवस का भारत से क्या संबंध?
बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने मदन राठौड़ की टिप्पणी पर संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय दिवसों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर UN द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस का भारत के जनजातीय समाज से कोई संबंध नहीं है, तो फिर उसी संस्था की ओर से घोषित विश्व योग दिवस और विश्व महिला दिवस का भारत से क्या संबंध होना चाहिए? रोत ने राठौड़ की टिप्पणी को आदिवासी समाज की भावनाओं से जोड़ते हुए इसका विरोध किया।
सुमित भगासरा बोले- अब गलती पर सफाई दे रहे राठौड़
कांग्रेस के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुमित भगासरा ने भी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बयान समय-समय पर पार्टी का ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ सामने लाते हैं। भगासरा ने आरोप लगाया कि मदन राठौड़ ने पहले विश्व आदिवासी दिवस की तुलना वैलेंटाइन डे जैसे आयोजनों से की और अब विवाद बढ़ने के बाद सफाई दे रहे हैं कि उनके कहने का मतलब ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और आदिवासी समाज के सम्मान की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के योगदान और इतिहास का सम्मान करती है और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की टिप्पणी का पार्टी लगातार विरोध करेगी।