जयपुर में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत सामने आई है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब राजस्थान में गैस सप्लाई पर भी पड़ने लगा है। राजधानी जयपुर में स्थिति यह है कि सिलेंडर की बुकिंग 7 दिन से लंबित चल रही है और वितरकों के पास केवल एक दिन का स्टॉक बचा है। हालात बिगड़ते देख कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी भी फिलहाल बंद कर दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। राजस्थान एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत का कहना है कि तेल कंपनियों ने सभी िवतरकों को कमर्शियल सिलेंडर्स की इंडेंट लेने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के एलपीजी वितरकों के पास कमर्शियल सिलेडर का एक दिन का ही स्टॉक होता है। कुछ वितरकों के पास एक से ज्यादा दिन का भी हो सकता है लेकिन इससे ज्यादा नहीं।
गिग वर्कर्स बोले स्थिति खराब होगी
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर पाबंदी के बाद जयपुर में रेस्टोरेंट और छोटे ढाबों के संचालकों की चिंता भी बढ़ गई है। अमर उजाला वरिष्ठ संवादाता अशीष कुलश्रेष्ठ इस मामले में ग्राउंड जीरो पर जाकर पड़ताल की। उनसे बात करते हुए ढाबा संचालकों ने कहा कि उनका कारोबार कमर्शियल सिलेंडर्स पर ही निर्भर है और यदी इसकी सप्लाई नहीं हुई तो उनकी स्थिति खराब हो जाएगी। वहीं रेस्त्रां और ढाबों से घरों तक खाना पहुंचाने वाल गिग वर्कर्स का भी कहना है कि अगर होटल-रेस्त्रां में खाना नहीं बनेगा तो उनका काम भी नहीं चलेगा। उनकी आर्थिक व्यवस्था भी इससे बिगड़ जाएगी।
वितरक बोले घरेलू सप्लाई भी कम
वितरकों का कहना है कि केंद्र सरकार और तेल कंपनियों की ओर से सिलेंडर बुकिंग पर 25 दिन का नियम लागू है। साथ ही दो ट्रक के ऑर्डर देने पर कंपनियों की तरफ से केवल एक ही ट्रक भेजा जा रहा है। इस वजह से सप्लाई में देरी हो रही है और लोगों तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। स्थिति को संभालने के लिए फिलहाल कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी बंद कर दी गई है और केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही गैस दी जा रही है। वितरकों का यह भी कहना है कि लोगों में डर के कारण कई उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं और घरों में स्टॉक जमा कर रहे हैं। इससे भी सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा मोबाइल के जरिए सिलेंडर बुकिंग भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।