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LPG Crisis: एलपीजी के लिए जयपुर कई किमी लंबी कतार, मैस लकड़ी और कोयले के सहारे

Fri, 13 Mar 2026 04:07 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है। गैस पंपों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं और राशनिंग शुरू हो गई है। ऑटो चालक घंटों लाइन में खड़े हैं, वहीं मैस संचालक लकड़ी-कोयले से खाना बना रहे हैं। कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
 
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lpg crisis - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के अन्य शहरों के साथ अब राजधानी जयपुर में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है। हालात भयावह भी नहीं तो चिंताजनक तो हो चुके हैं। जयपुर में एलपीजी पंपों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं। भीड़ को देखते हुए पंपों पर एलपीजी की राशनिंग शुरू कर दी गई है। यही नहीं प्राइवेट पंपों पर बीते 8 दिनों में एलपीजी के प्रति किलोग्राम रेट भी 62 रुपए से बढ़कर 75 रुपए हो गए हैं।

अमर उजाला के संवाददाता आशीष कुलश्रेष्ठ ने पंप पर जाकर मौकाए हालातों का जायजा लिया। ऑटो संचालकों का कहना था कि वे सुबह 6 बजे से पंप पर एलपीजी भरवाने के लिए लाइन में लगे हैं। 4 से 5 घंटे में जाकर नंबर आ रहा है। इसमें भी पंप संचालकों ने एलपीजी की राशनिंग कर दी। पंप संचालक एक ऑटो को 2 किलोग्राम से ज्यादा एलपीजी नहीं दे रहे हैं। 
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ऑटो चालक बाबू भाई ने बताया कि हालात बद से बदतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंप के दोनों तरफ 2-2 किमी लंबी कतार लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी पंपों पर एलपीजी बंद हो चुकी है। यह प्राइवेट पंप दे रहा है लेकिन इन्होंने रेट बढ़ा दी। बाबू भाई ने बताया कि वे गुरुवार को भी यहां 4 घंटे लाइन में खड़े रहे लेकिन नंबर आने से पहले ही पंप पर एलपीजी खत्म हो गई। एक अन्य ऑटो चालक ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हुए हैं पानी भी नहीं पी पा रहे हैं क्योंकि डर है लाइन में कोई और घुस जाएगा। उन्होंने कहा कि सुबह से यहां कई बार लाइन तोड़ने को लेकर मारा पीटी तक हो चुकी है। 
ऑटो संचालकों का कहना है कि सुबह से 5 से 6 घंटे एलपीजी भरवाने में ही निकल रहे हैं तो बाकी दिन क्या कमाई करेंगे। 

मैस अब भट्टी के भरोसे

सरकार भले ही दावे कर रही है कि शैक्षणिक संस्थान-मेडिकल से जुड़े संस्थानों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई जारी रहेगी। लेकिन अमर उजाला जिस लकड़ी और कोयले की टाल पर पहुंचा वहां कई छात्र और मैस संचालक खाना बनाने के लिए लकड़ियां और कोयला खरीद रहे थे। टाल संचालिका का कहना था कि लकड़ी और कोयले की खपत पहले से काफी बढ़ गई है लेकिन यह सप्लाई कब तक जारी रहेगी यह बताया नहीं जा सकता। 

मैस संचालकों ने बताया कि कमर्शियल सिलिंडर मिल रहे हैं लेकिन इनकी कीमत कोई 5 हजार बोल रहा है कोई इससे भी ज्यादा। उन्होंने कहा कि गैस खरीदने में ही इतना पैसा खर्च कर देंगे तो बच्चों को खिलाएंगे क्या? उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले जहां चावल, रोटी, दाल और दो तरह की सब्जी मिल रही थी वहीं अब सिर्फ एक सब्जी रह गई है। उन्होंने कहा कि हमारी मैस में 40 बच्चे हैं जिनका खाना बनाने के लिए 2 क्विंटल लकड़ी ली है। पहले जब कमर्शियल सिलिंडर मिल रहे थे तो लकड़ी महंगी थी। लेकिन अब कमर्शियल सिलिंडर ब्लैक में इतना महंगा मिल रहा है कि इसके मुकाबले तो लकड़ी ही सस्ती पड़ रही है।

कांग्रेस ने निकाली सिलिंडर शव यात्रा
वहीं कांग्रेस ने एलपीजी संकट पर अब सरकार को घेरने के लिए प्रदेश भर में प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलिंडर की शव यात्रा निकाल कर विरोध जताया। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर में गैस सिलेंडर के साथ-साथ भाजपा के नेता भी गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले सिलेंडर महंगे किए गए और अब केरोसिन देने की बात कही जा रही है, लेकिन वह भी लोगों को उपलब्ध नहीं हो रहा।

प्रदर्शन के दौरान जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार एलपीजी संकट से निपटने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और कई लोग गैस सिलेंडर की बुकिंग तक नहीं कर पा रहे हैं।
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खाचरियावास ने यह भी कहा कि शहर में 10 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा बंद हो गए हैं, इसलिए सरकार को ऑटो चालकों के लिए अलग से फंड जारी करना चाहिए। साथ ही गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।


 
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