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जयपुर अग्निकांड: टैंकर चालक पुलिस के सामने हुआ पेश, अब SIT करेगी पूछताछ; हादसे के बाद किया था फोन बंद

Tue, 24 Dec 2024 01:25 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur Tanker Blast: जयपुर में हुए गैस टैंकर विस्फोट में जान बचाकर भागे टैंकर चालक से एसआईटी अब पूछताछ करेगी। बता दें कि सोमवार को टैंकर चालक पुलिस के सामने पेश हुआ था।
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टैंकर चालक पुलिस के सामने हुआ पेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले सप्ताह जयपुर में हुए गैस टैंकर विस्फोट में 13 लोगों की जान गई थी। इस मामले में एलपीजी टैंकर चालक जयवीर (40) सोमवार को पुलिस के सामने पेश हुआ। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है और जयवीर से पूछताछ करेगी।

बता दें कि जयवीर मूलत: उत्तर प्रदेश के मथुरा का निवासी है। वो टक्कर के बाद टैंकर से समय रहते बाहर निकलने में सफल हुआ था। टक्कर के चलते टैंकर के आउटलेट नोज़ल टूट गए थे, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया था। पुलिस के अनुसार, जयवीर ने हादसे के तुरंत बाद दिल्ली स्थित टैंकर मालिक अनिल पंवार को फोन किया और फिर अपना फोन बंद कर दिया।

पश्चिम क्षेत्र के डीसीपी अमित कुमार ने कहा कि ‘हम तुरंत टैंकर चालक को दोषी नहीं ठहरा सकते, क्योंकि कंटेनर ट्रक चालक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी थी। जयवीर ने देखा कि टैंकर के नोजल टूट गए हैं और अन्य वाहन चालकों द्वारा गाड़ियों की इग्निशन चालू करने से विस्फोट हो सकता है, जिसके बाद वो अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग गया था।

घटना के दिन 20 दिसंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। टैंकर चालक जयवीर, टैंकर मालिक अनिल पंवार और कंपनी के अन्य जिम्मेदार लोगों से वाहन की स्थिति और चालक के रोजगार इतिहास के बारे में पूछताछ की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि हादसे के समय मौके पर मौजूद नौ चालकों में से जयवीर भी थे, जो बचने में कामयाब रहे।

गौरतलब है कि जयपुर-अजमेर हाईवे पर एक कंटेनर ट्रक ने टैंकर को यू-टर्न लेते समय टक्कर मारी, जिससे गैस का रिसाव हुआ और सफेद धुएं का बादल बन गया। कुछ ही मिनटों में गैस ने आग पकड़ ली और एक विशाल आग का गोला 30 से अधिक गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए और 23 लोगों का इलाज सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें लापरवाही से वाहन चलाना, लापरवाही से मौत का कारण बनना और जीवन को खतरे में डालकर चोट पहुंचाना शामिल है।राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार तथा केंद्र से जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई 10 जनवरी, 2025 को होगी।

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