जयपुर के जोबनेर क्षेत्र में स्कूल बस हादसे में घायल कक्षा दसवीं की छात्रा लक्षिता कुमावत की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र ग्रामीणों ने सुबह निजी स्कूलों की चार बसों को रोककर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। रोकी गई सभी बसों में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। भड़के ग्रामीणों ने स्कूल संचालकों को मौके पर बुलाने की मांग रखी। सूचना मिलते ही जोबनेर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्कूल प्रबंधकों को मौके पर बुलाया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों का प्रदर्शन शांत कराया।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
महलां मार्ग पर शनिवार सुबह अनियंत्रित एसयूवी ने ओवरटेक करने के प्रयास में निजी स्कूल की बस को टक्कर मार दी थी। इसके बाद बस पलटने से 18 बच्चे और एक शिक्षिका घायल हो गए थे। हादसे में डेहरा पंचायत के भूरोदियों की ढाणी निवासी 15 वर्षीय छात्रा लक्षिता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में लगभग 20 घंटे तक चले इलाज के बाद रविवार को छात्रा ने अंतिम सांस ली। छात्रा का शव घर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। गमगीन माहौल में परिजनों और ग्रामीणों ने छात्रा का अंतिम संस्कार किया। पढ़ाई में अव्वल रहने वाली लक्षिता दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी।
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जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित
उपखंड अधिकारी नेहा राठी ने निजी विद्यालयों की बसों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित यह समिति दो दिन में अपनी जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। पुलिस और परिवहन विभाग ने क्षमता से अधिक बच्चे बिठाने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है।