जयपुर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में हो रही शावक की देखभाल।
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जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शेरनी तारा के शावक ने दो महीने पूरे कर लिए हैं। शावक का वजन अब बढ़कर 3.2 किलोग्राम हो गया है। पार्क प्रशासन और पशु चिकित्सकों की कड़ी मेहनत से शावक की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।
अमेरिका से मंगवाया गया खास दूध
शावक के जन्म के बाद से ही उसकी मां ने उसे दूध पिलाना बंद कर दिया था। इसलिए वन विभाग ने उसके लिए स्पेशल मिल्क पाउडर दूध देने का विचार बनाया। शावक को अमेरिका से मंगवाए गए विशेष दूध से पोषण दिया जा रहा है। इस दूध के 200 ग्राम पाउडर की कीमत 12 हजार रुपये है। शावक को दिन में पांच बार दूध पिलाया जाता है। पूरे दिन में तारा के शावक को लगभग डेढ़ किलो दूध पिला दिया जाता है। 200 ग्राम 12,000 रुपये के हिसाब से इस दूध की एक किलो कीमत 60 हजार रुपये है। दूध के अलावा, चिकन सूप भी शावक के आहार में शामिल किया गया है, ताकि उसकी शारीरिक आवश्यकताएं पूरी की जा सकें।
वजन कम होना बनी थी चुनौती
शावक का जन्म के समय वजन मात्र 990 ग्राम था, जबकि सामान्यत: यह एक किलो से अधिक होना चाहिए। इस वजह से उसे बचाना एक बड़ी चुनौती थी। शावक के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए विशेष देखभाल की जा रही है।
अकेलापन दूर करने के लिए टेडीबियर
शावक को भावनात्मक रूप से संतुलित रखने के लिए उसके पास लायन के आकार का टेडीबियर रखा गया है। यह उसे अकेलापन महसूस नहीं होने देता और खेल-कूद में मदद करता है।
सीसीटीवी से निगरानी और विशेषज्ञों की देखरेख
शावक की सुरक्षा और देखभाल के लिए सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि शावक की स्थिति अब सामान्य है और वह तेजी से विकास कर रहा है। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में तारा और उसके शावक को लेकर पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। पार्क प्रशासन उनकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।