विश्व टीबी दिवस-2025 के अवसर पर राजस्थान को टीबी उन्मूलन की दिशा में किए गए विशेष प्रयासों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने राजस्थान को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में देश में तीसरे स्थान पर रहने पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ एवं मिशन निदेशक डॉ. भारती दीक्षित ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। समारोह में राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के नोडल अधिकारी डॉ.एसएन धौलपुरिया भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने राजस्थान में टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान और टीबी मुक्त ग्राम पंचायत जैसी महत्वपूर्ण पहल को साकार रूप देने में राजस्थान ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
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प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत वर्ष 2024 में राजस्थान की 3,355 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 586 थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान में अब तक 19 हजार से अधिक निक्षय मित्र (समुदाय समर्थक) जोड़े जा चुके हैं। सांसदों और विधायकों की भागीदारी से अभियान को सामुदायिक स्तर पर सशक्त किया गया है।
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि भारत सरकार ने 7 दिसंबर 2024 से 17 मार्च 2025 तक 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य टीबी निदान और उपचार सेवाओं को सशक्त करना था। यह अभियान 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 347 चिन्हित जिलों में आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान के 5 जिले (बारां, हनुमानगढ़, झालावाड़, कोटा और राजसमंद) शामिल थे। इन 5 जिलों में समुदाय स्तर पर 734 निक्षय कैंप आयोजित किए और 8.84 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई।