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जयपुर: चोरी के मोबाइल बेचने का ओएलएक्स पर खेल, साइबर ठगी के नेटवर्क से भी जुड़े तार

Mon, 19 Oct 2026 03:50 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर की सिंधी कैंप थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करने वाली अंतरराज्यीय गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 19 मोबाइल, एक स्विफ्ट डिजायर कार और दो अन्य फोन बरामद किए। जांच में मेवात में साइबर ठगी के लिए चोरी के मोबाइल भेजने और ओएलएक्स पर बेचने का खुलासा हुआ।

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मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करने वाली अंतरराज्यीय गैंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर पश्चिम की सिंधी कैंप थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी और स्नैचिंग के 19 मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार और दो अन्य मोबाइल बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के मोबाइल मेवात भेजते थे, जहां से उनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था। आरोपी चोरी के मोबाइल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओएलएक्स पर भी बेचते थे।
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पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि 4 नवंबर 2025 को सिंधी कैंप इलाके में मोबाइल चोरी की वारदात के संबंध में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत मिली थी। परिवादी का सैमसंग S24 अल्ट्रा मोबाइल चोरी हो गया था। इस मामले में सिंधी कैंप थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि चोरी का मोबाइल ओएलएक्स पर बेचा गया है। पुलिस ने मोबाइल खरीदने वाले व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने इसे 50 हजार रुपये में खरीदना बताया। इसके बाद पुलिस ने बेचने वालों तक पहुंचकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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नशा करने वाले युवकों से कराते थे चोरी और स्नैचिंग

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मोइन उर्फ शाहरुख मोबाइल चोरी और स्नैचिंग के गिरोह का सरगना है। वह जयपुर सहित दौसा और करौली में भी वारदात करवाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशा करने वाले युवकों को अपने साथ जोड़कर उनसे मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करवाता था। इसके बाद चोरी के मोबाइल इकट्ठा कर अपने साथी मोहम्मद अनस के जरिए हसीब मेव तक पहुंचाता था।

पुलिस के मुताबिक, मोइन चोरी के मोबाइल 3 से 5 हजार रुपये में मोहम्मद अनस और हसीब मेव को बेचता था। इसके बाद हसीब मेव इन मोबाइलों को 6 से 7 हजार रुपये में साइबर ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचाता था। आरोपियों के पास जब करीब 20 से 25 मोबाइल फोन इकट्ठा हो जाते थे, तो उन्हें मेवात भेज दिया जाता था।


चोरी के मोबाइलों के फर्जी बिल बनाकर ओएलएक्स पर भी बेचते थे

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अच्छी स्थिति वाले मोबाइल फोन के फर्जी बिल तैयार कर उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओएलएक्स पर बेचते थे। इसी तरीके से सिंधी कैंप क्षेत्र से चोरी किया गया सैमसंग S24 अल्ट्रा मोबाइल भी 50 हजार रुपये में बेचा गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक करीब 150 से 200 मोबाइल फोन चोरी और स्नैचिंग के जरिए जुटाकर मेवात, हरियाणा भेजने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इन मोबाइलों का इस्तेमाल राजस्थान सहित अन्य राज्यों में साइबर अपराध करने वाले लोग करते थे।

जयपुर के कई थाना क्षेत्रों में वारदात की पुष्टि

पुलिस ने बरामद मोबाइलों की जांच में सिंधी कैंप, सदर, शिप्रापथ, ट्रांसपोर्ट नगर, आदर्श नगर, रामगंज, गलतागेट और तूंगा थाना क्षेत्रों के साथ दौसा के नांगल राजावतान तथा करौली जिले की वारदातों से भी संबंध की पुष्टि की है। अन्य मोबाइलों के संबंध में जांच जारी है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोइन उर्फ शाहरुख, मोहम्मद अनस और हसीब के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया है। अब मेवात में साइबर ठगी के लिए मोबाइल उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
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