जयपुर के शिप्रापथ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जगन्नाथपुरी सेकेंड क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान के पानी से भरे टैंक में गिरने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है, जब दोनों बच्चियां रोज की तरह घर से खेलने के लिए निकली थीं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटीं।
जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियां शाम करीब सवा 7 बजे घर से बाहर खेलने गई थीं। करीब 15 से 20 मिनट बाद जब वे वापस नहीं आईं तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान पास में बन रहे एक मकान के पानी के टैंक के पास बच्चियों की चप्पलें दिखाई दीं, जिससे आशंका गहरा गई।
परिजनों ने जब टैंक में झांककर देखा तो दोनों बच्चियों के शव पानी में उतराते हुए मिले। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए। आनन-फानन में बच्चियों को निकालकर जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, टैंक करीब 8 फीट गहरा था और उसमें लगभग 6 फीट तक पानी भरा हुआ था। जिस स्थान पर टैंक बना था, वहां पर्याप्त रोशनी नहीं थी, जिससे हादसा और भी घातक साबित हुआ। शिप्रापथ थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि मृत बच्चियों की पहचान राधिका (5) पुत्री पप्पू कुमार निवासी बिहार और गोसिया (5) पुत्री जाकिर निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
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दोनों परिवार पिछले 3 से 4 वर्षों से जयपुर में किराए पर रह रहे थे और एक-दूसरे के नजदीक रहते थे। राधिका के पिता पप्पू कुमार पेंटिंग का काम करते हैं, जबकि गोसिया के पिता जाकिर शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और रिक्शे पर मोबाइल एक्सेसरीज बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गोसिया अपने परिवार की इकलौती संतान थी।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की कमी पर भी सवाल उठाए हैं।