भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना गांधीनगर, आयुक्तालय जयपुर पूर्व में तैनात उपनिरीक्षक राजकुमारी जुनेजा को 1,25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी को एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी जयपुर नगर तृतीय को परिवादी की ओर से शिकायत मिली थी। परिवादी के खिलाफ पुलिस थाना गांधीनगर में वर्ष 2024 में प्रकरण संख्या 380/2024 दर्ज है, जिसमें धारा 420, 406, 467, 468 और 471 आईपीसी के गंभीर आरोप शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, उपनिरीक्षक राजकुमारी जुनेजा ने मामले में परिवादी के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने और मुकदमे में एफआर (Final Report) लगाने के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी टीम ने ट्रैप योजना बनाई। निर्धारित समय पर आज आरोपी अधिकारी ने परिवादी से 1,25,000 रुपये की पहली किस्त ली, तभी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से मौके पर ही रिश्वत राशि भी बरामद कर ली गई।
पूरी कार्रवाई उपमहानिरीक्षक द्वितीय, जयपुर आनन्द शर्मा के सुपरवीजन में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व एसीबी जयपुर नगर तृतीय के डीएसपी सुरेश कुमार स्वामी ने किया, जिसमें पुलिस निरीक्षक नाथू लाल बंशीवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
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एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी राजकुमारी जुनेजा से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच करेगी, जिससे संभावित नेटवर्क या अन्य संलिप्तताओं का पता लगाया जा सके।
एसीबी का कहना है कि सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी, ताकि जनता में विश्वास कायम रहे और भ्रष्ट अधिकारियों पर प्रभावी रोक लग सके।
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