राजधानी जयपुर के हरमाड़ा में हुए हादसे के बाद राज्य भर में चलाए जा रहे 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान (4 से 18 नवंबर) के तहत खतरनाक ढंग से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। पुलिस, परिवहन, चिकित्सा और अन्य विभाग समन्वित रूप से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। अभियान के पहले चार दिनों में पुलिस विभाग ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की और 40 हजार से ज्यादा वाहन चालकों के चालान किए। इस अवधि में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2,949, तेज रफ्तार पर 16,160, गलत दिशा में चलने पर 10,888, खतरनाक तरीके से चलाने पर 1,199, बिना रिफ्लेक्टर पर 2,863 और बिना नंबर प्लेट के 6,269 चालकों के खिलाफ चालान किए गए।
हाईवे पर लेन ड्राइविंग का प्रचार
राज्य के विभिन्न राजमार्गों पर
एनएच-48 मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम को लागू करने के लिए पुलिस जाप्तों द्वारा प्रचार-प्रसार किया गया। पुलिस टीमों ने लेन अनुशासन सुनिश्चित करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की।
नेत्र जांच और चश्मों का वितरण
चिकित्सा विभाग ने 7 नवंबर तक 2,279 ट्रक और बस चालकों की नेत्र जांच की, जिनमें से 402 को चश्मे वितरित किए गए।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
परिवहन विभाग ने 7 नवंबर तक 6,552 वाहनों के चालान किए। इनमें ओवरलोडिंग के 453, मालवाहक वाहनों में यात्री पाए जाने पर 163, अन्य उल्लंघनों पर 4,356 चालान शामिल हैं। यात्री वाहनों में 741 चालान किए गए, जबकि 163 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द, 33 वाहन रजिस्ट्रेशन निरस्त और 333 वाहन सीज किए गए।
सड़क सुधार और शहरी सफाई कार्य भी जारी
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सड़कों से झाड़ियाँ हटाने, स्पीड ब्रेकर सुधारने और साइन बोर्ड लगाने का कार्य किया। वहीं, स्थानीय निकाय विभाग ने फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने, रोड लाइट्स दुरुस्त करने और आवारा पशुओं को हटाने जैसे कदम उठाए हैं।