जयपुर के एसएमएस अस्पताल ट्रॉमा सेंटर के पॉलीट्रोमा आईसीयू में देर रात पाइप लीकेज के कारण पानी भरने की घटना को लेकर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गायत्री राठौड़ ने ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और अस्पताल प्रशासन व चिकित्सकों से फीडबैक लिया। लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
गायत्री राठौड़ ने बताया कि दीवार के पीछे से गुजर रही पाइप लाइन में लीकेज के कारण पानी आईसीयू में पहुंचा। पाइप छिपी होने की वजह से लीकेज को समय पर डिटेक्ट करने में परेशानी हुई, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले दो दिनों के भीतर अस्पताल के सभी आईसीयू, आईपीडी और वार्ड्स में ऐसे संवेदनशील पाइपलाइन और तकनीकी पॉइंट्स की जांच की जाए। साथ ही फायर सेफ्टी से जुड़े सभी पॉइंट्स भी चेक किए जाएंगे। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि आईसीयू को कल तक दोबारा ऑपरेशनल कर दिया जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि अस्पताल में कई जगहों पर यह तक स्पष्ट नहीं है कि कौन-सी पाइप लाइन कहां से गुजर रही है। इस पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर विंग, फ्लोर और ब्लॉक का विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कर अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग वर्ष 2014 में बनी है, जबकि एसएमएस अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग करीब 90 साल पुरानी है। मुख्य भवन के पूर्ण पुनर्निर्माण की जरूरत है। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर के बाहर मौजूद सभी अतिक्रमण जल्द हटाए जाएंगे, जिसके लिए नगर निगम को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।