फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaipur News: नए साल के जश्न के दौरान 299 घायल पहुंचे SMS ट्रौमा सेंटर, एक घायल की मौत

Thu, 01 Jan 2026 05:22 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

नववर्ष 2026 के जश्न में जयपुर में 299 घायल एसएमएस ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। 50 भर्ती किए गए, इलाज के दौरान एक घायल की मौत हुई।

विज्ञापन
एसएमएस अस्पताल जयपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नए साल 2026 के जश्न के दौरान राजधानी जयपुर में खुशियों के साथ सड़क हादसों की तस्वीर भी सामने आई। देर रात तक चले जश्न, तेज रफ्तार, शराब के सेवन और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण शहर में बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसका सबसे बड़ा असर एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पर देखने को मिला, जहां रातभर घायलों को लाने का सिलसिला जारी रहा।

एसएमएस ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि बीते 24 घंटों में कुल 299 घायल इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इनमें से अधिकतर मामले सड़क हादसों से जुड़े हुए थे। गंभीर रूप से घायल 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि 249 घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गई। इलाज के दौरान एक गंभीर घायल की मौत भी हो गई।

डॉ. यादव के अनुसार, रात 8 बजे के बाद हादसों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। केवल रात के समय ही करीब 120 सड़क दुर्घटना के मामले ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने पूरी रात लगातार घायलों का उपचार किया और आपात सेवाएं पूरी तरह मुस्तैद रहीं। हादसों में सबसे अधिक संख्या दुपहिया वाहन चालकों की रही। इनमें से कई लोग बिना हेलमेट और शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनी। कुछ मामलों में कार चालकों द्वारा सीट बेल्ट नहीं पहनने की बात भी सामने आई।

नववर्ष से पहले जयपुर पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार अपील की गई थी कि लोग शराब पीकर वाहन न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। इसके बावजूद लापरवाही के चलते हादसों की संख्या बढ़ी। प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि जश्न के दौरान सावधानी बरतें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि खुशियों के मौके पर किसी परिवार को दुख का सामना न करना पड़े।

विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें