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Jaipur News: क्या आम दिनों की तुलना में दिल पर भारी पड़ता है सोमवार? जानिए कार्डियोलॉजिस्ट क्या कहते हैं

Tue, 30 Sep 2025 08:03 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सोमवार को दिल के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। SMS अस्पताल जयपुर की रिपोर्ट के मुताबिक वीकेंड के बाद 15% ज्यादा मरीज हार्ट OPD में पहुंचते हैं। तनाव, अनियमित दिनचर्या और जंक फूड इसका मुख्य कारण हैं।

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हृदय रोग - फोटो : Adobe Stock Images
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विस्तार
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क्या सप्ताह के किसी वार का दिल की बीमारी से कोई संबंध है। अगर आपको पता चले की ऐसा वाकई है तो आप चौंकेंगे जरूर। क्योंकि आंंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में आम दिनों के मुकाबले सोमवार को दिल के मरीजों की तादाद कहीं ज्यादा रहती है। वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर दीपक माहेश्वरी का कहना है कि अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को हार्ट ओपीडी में करीब 15 प्रतिशत मरीजों की बढ़ोतरी होती है डॉ माहेश्वरी का कहना है कि सोमवार को अधिकतर नौकरीपेशा लोगो को काम का बोझ, चिंता, मीटिंग्स का स्ट्रेस रहता है और इसी कारण इसका असर दिल पर पड़ता है। दरअसल वीकेंड पर हर व्यक्ति स्ट्रेस फ़्री हो जाता है और पूरे विश्व में वीकेंड को काफ़ी अच्छे से सेलिब्रेट किया जाता है लेकिन वीकेंड के बाद सोमवार का दिन न सिर्फ दफ्तरों और कामकाज का बोझ लाता है, बल्कि दिल की सेहत पर भी असर डाल रहा है। 
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सोमवार को क्यों बढ़ रहे केस
डॉक्टर माहेश्वरी का कहना है कि शनिवार और रविवार को लोग अपनी रूटीन लाइफ से हटकर जीते हैं। देर रात पार्टियां, जंक फूड, नींद पूरी न होना और शराब का सेवन दिल पर सीधा असर डालता हैं। सोमवार की सुबह जब अचानक से लोग व्यस्त दिनचर्या में लौटते हैं तो यह बदलाव स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ा देता है। डॉक्टरों का मानना है कि यह “वीकेंड इफेक्ट” दिल पर अतिरिक्त दबाव बनाता है, जिससे हार्ट पेशेंट्स की संख्या बढ़ती है।

-सोमवार को SMS अस्पताल की हार्ट ओपीडी में 15% ज्यादा मरीज पहुंच रहे 
-वीकेंड पर अनियमित खानपान और देर रात जागने की आदत दिल की सेहत बिगाड़ रही 
-ऑफिस का स्ट्रेस और हफ्ते की शुरुआत का दबाव दिल पर -युवा वर्ग में हार्ट ब्लॉकेज और हाई बीपी के केस बढ़ रहे 

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चिंता यह कि यंग एज में मामले सबसे ज्यादा बढ़ रहे
सबसे ज्यादा चिंता की बात है कि डेली की तनाव भरी लाइफ से जूझ रहे युवाओं में ऐसे मामले सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं।  डॉक्टर दीपक माहेश्वरी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल में दिल के मरीज़ बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं, ख़ास बात यह है कि यंग एज में दिल की बीमारियों के मामले काफ़ी बढ़ गए हैं,इनमें बड़ी संख्या में हाई ब्लड प्रेशर, चेस्ट पेन, हार्ट ब्लॉकेज और हार्ट रिदम डिस्टर्बेंस के मामलों की रहती है, सोमवार को स्ट्रेस लेवल बढ़ने से ब्लड प्रेशर अचानक हाई हो जाता है।तनाव की स्थिति में दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं, जिससे मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी होती है। SMS अस्पताल में बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों की बात करे तो 
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-वर्ष 2022 में कुल 140689 दिल की समस्या से जुड़े मरीज पहुंचे 
-वर्ष 2023 में कुल 180580 दिल की समस्या से जुड़े मरीज पहुंचे 
-वर्ष 2024 में कुल 182176 दिल की समस्या से जुड़े मरीज पहुंचे 
-वही 2025 जुलाई तक 104093 दिल की समस्या से जुड़े मरीज पहुंचे 

बचाव के उपाय
चिकित्सकों का कहना है कि यदि इस ट्रेंड को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले वर्षों में युवा पीढ़ी में हार्ट डिजीज की दर और बढ़ सकती है। अब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस मैनेजमेंट सिर्फ विकल्प नहीं बल्कि जरूरत बन गए हैं। चिकित्सकों का मानना है कि यदि समय रहते लोग अपनी दिनचर्या सुधारें और स्ट्रेस को कंट्रोल करें तो सोमवार का दबाव दिल के लिए खतरा नहीं बनेगा
-वीकेंड पर देर रात तक जागने की आदत छोड़ें।
-जंक फूड , एल्कोहल से बचें
-सुबह हल्की वॉक या योग करें
-सोमवार को काम की प्लानिंग आराम से करें, ज्यादा दबाव न ले
-ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करवाएं

 
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