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Rajasthan: ‘नीच जाति नहीं, नीच किस्म का आदमी कहा था’, पीएम मोदी को लेकर मणिशंकर अय्यर का बयान फिर चर्चा में

Sun, 15 Mar 2026 03:40 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Mani Shankar Aiyar Contoversy: जयपुर में कनोडिया कॉलेज के कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने पुराने ‘नीच’ बयान पर कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को ‘नीच जाति’ नहीं, बल्कि ‘नीच किस्म का आदमी’ कहा था। उनके इस बयान को लेकर फिर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई।
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मणिशंकर अय्यर ने अपने 'नीच बयान' पर दी सफाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए अपने पुराने ‘नीच’ बयान पर फिर से टिप्पणी की, जिससे एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई। कनोडिया कॉलेज में आयोजित व्याख्यान में अय्यर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘नीच जाति’ नहीं कहा था, बल्कि ‘नीच किस्म का आदमी’ कहा था।

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बयान को लेकर अपनी बात रखी
कार्यक्रम में बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर यह कहते हैं कि उन्होंने उन्हें ‘नीच जाति’ कहा था, जबकि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। अय्यर के अनुसार उन्होंने केवल प्रधानमंत्री के चरित्र के संदर्भ में ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि उनके बयान को अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया।
 
प्रधानमंत्री बनने को लेकर लगाए आरोप
अपने संबोधन के दौरान अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे झूठ और अफवाहें फैलाकर प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कहा था कि चाय वाला प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, जबकि उनके अनुसार उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
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वीडियो का भी किया उल्लेख
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि उस समय का वीडियो आज भी यूट्यूब पर उपलब्ध है, जिसमें उनके अनुसार ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों के बारे में नकारात्मक माहौल बनाकर देश को सांप्रदायिक दिशा में धकेला है।
 
‘मैकाले की औलाद’ कहे जाने पर प्रतिक्रिया
अपने भाषण के दौरान अय्यर ने यह भी कहा कि उन्हें अक्सर ‘मैकाले की औलाद’ कहकर निशाना बनाया जाता है, क्योंकि वे घर में अंग्रेजी बोलते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाषा के आधार पर किसी को इस तरह संबोधित किया जाता है तो फिर क्या हर व्यक्ति को केवल उसकी क्षेत्रीय भाषा के आधार पर ही पहचाना जाएगा।
 
देश की विविधता पर कही यह बात
अय्यर ने भारत की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लगभग 80 प्रतिशत हिंदू और करीब 20 प्रतिशत अन्य धर्मों के लोग रहते हैं, जिनमें मुसलमानों की बड़ी आबादी शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि मुसलमानों को दुश्मन बताने की राजनीति की जाएगी तो इससे देश की एकता पर असर पड़ सकता है।

पढ़ें- 'पड़ोसी देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर': गैस संकट के बीच केंद्रीय मंत्री शेखावत का बयान; कहा- सब ठीक
 
‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर की टिप्पणी
उन्होंने कहा कि भारत को केवल हिंदू देश बताने या हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश देश की विविधता के खिलाफ है। अय्यर के अनुसार धर्म, संस्कृति और भाषा की विविधता भारत की पहचान है और इसे खत्म करने की कोशिश देश को कमजोर कर सकती है।
 
पाकिस्तान जाने की बात पर जताई आपत्ति
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत के मुसलमानों के परिवारों ने विभाजन के समय भारत में रहने का फैसला किया था। ऐसे में उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में नफरत के बजाय भाईचारे को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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अपने भाषण के अंत में अय्यर ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का कोई धर्म नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि धर्म और राष्ट्रीयता को एक-दूसरे से जोड़ना भारत के इतिहास और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।


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