राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हथिनी कुंड में एक विचित्र घटना सामने आई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक साधु वेशधारी बाबा कुछ युवकों पर डंडे और पत्थर से हमला करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाबा का यह आक्रोश उस वक्त फूटा जब कुछ युवक झरने में नहाते हुए गाली-गलौज और अश्लील हरकतें कर रहे थे। यह घटना नाहरगढ़ की अरावली पहाड़ियों में बसे हथिनी कुंड की है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग सैर-सपाटे के लिए आते हैं।
अशोभनीय व्यवहार पर फूटा बाबा का गुस्सा
चश्मदीदों के अनुसार, कुछ युवक हथिनी कुंड में नहाते हुए ऊल-जुलूल हरकतें कर रहे थे। वहां मौजूद एक बाबा ने उन्हें संयम बरतने और मर्यादा में रहने की सलाह दी, लेकिन युवकों ने बाबा की बात सुनने के बजाय उनके साथ ही अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख बाबा ने पहले पत्थर से और फिर डंडे से युवकों को खदेड़ना शुरू किया।
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इस दौरान बाबा और युवकों के बीच हाथापाई होती नजर आई, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने कैमरे में कैद कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि अमर उजाला इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
वीडियो पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं
वीडियो सामने आने के बाद इस पर समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग बाबा की कार्रवाई को उचित मानते हुए यह तर्क दे रहे हैं कि धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही अश्लीलता का सार्वजनिक रूप से विरोध करना जरूरी है। वहीं, कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि बाबा को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए था और ऐसी स्थिति में पुलिस को सूचना देना बेहतर होता।
पुलिस कार्रवाई अब तक नहीं
जयपुर पुलिस की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अगर कोई शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी।
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हथिनी कुंड की बिगड़ती छवि पर चिंता
हथिनी कुंड केवल एक प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि स्थानीय आस्था और पर्यटन का भी केंद्र है। यहां आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही अनुशासनहीनता और असामाजिक गतिविधियां भी बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि स्थल की गरिमा बनी रहे और परिवारों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।